अमेरिकी प्राइवेट इक्विटी फर्म Advent International, मशहूर स्नैक ब्रांड Crax की पेरेंट कंपनी DFM Foods में अपनी 96.63% हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में है। फर्म ने कई बड़ी कंज्यूमर गुड्स कंपनियों और दूसरे निवेशकों से बातचीत शुरू कर दी है। यह कदम कंपनी की मजबूत सेल्स ग्रोथ के बीच आया है, जो भारतीय शेयर बाजारों से जनवरी 2023 में डीलिस्ट हुई थी।
Advent International का बड़ा कदम
अमेरिका की जानी-मानी प्राइवेट इक्विटी (PE) फर्म Advent International, भारतीय स्नैक्स मार्केट की दिग्गज कंपनी DFM Foods में अपनी 96.63% हिस्सेदारी बेचने का मन बना रही है। DFM Foods अपने सबसे पॉपुलर ब्रांड Crax के साथ-साथ Curls, Fritts और Natkhat जैसे स्नैक्स के लिए जानी जाती है।
सूत्रों के मुताबिक, Advent International ने इस डील को आगे बढ़ाने के लिए Avendus Capital और EY को नियुक्त किया है। फर्म का लक्ष्य दिसंबर 2026 तक एक डील फाइनल करना है।
कौन लगा रहा बोली?
इस संभावित डील में इंडस्ट्री के बड़े खिलाड़ी और अन्य प्राइवेट इक्विटी फर्म्स दोनों ही दिलचस्पी दिखा रहे हैं। शुरुआती बातचीत में ITC Limited, Marico Limited, Britannia Industries, Lotte, और Liwayway Foods जैसी कंपनियों के नाम सामने आ रहे हैं। वहीं, Kedaara Capital और CVC Capital Partners जैसे फाइनेंशियल इन्वेस्टर्स भी इस मौके का मूल्यांकन कर रहे हैं।
DFM Foods का सफर
Advent International ने 2019 में WestBridge Capital से करीब $118.8 मिलियन में DFM Foods की मेजॉरिटी स्टेक खरीदी थी। इसके बाद कंपनी में बड़े बदलाव हुए और जनवरी 2023 में यह भारतीय शेयर बाजारों से डीलिस्ट हो गई। तब से, कंपनी एक प्राइवेट एंटिटी के तौर पर काम कर रही है, जिससे उसे पब्लिक मार्केट के दबाव से दूर रहकर अपने बिजनेस को बढ़ाने का मौका मिला है।
दमदार सेल्स ग्रोथ
कंपनी का हालिया प्रदर्शन काफी शानदार रहा है। FY25 में DFM Foods की कुल सेल्स में 27.5% का इजाफा हुआ, जो ₹705.8 करोड़ तक पहुंच गई। FY26 के लिए अनुमान है कि सेल्स ग्रोथ 30% से भी ज्यादा हो सकती है, जो इसके प्रोडक्ट्स की मजबूत डिमांड को दिखाता है। 1984 में स्थापित DFM Foods ने भारत भर में कई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के जरिए अपनी पहुंच बढ़ाई है और बदलते कंज्यूमर ट्रेंड्स के हिसाब से मिलेट्स ( बाजरा) और एथनिक स्नैक्स जैसे नए प्रोडक्ट्स भी पेश कर रही है।
कंज्यूमर सेक्टर में M&A का माहौल
यह डील ऐसे समय में हो रही है जब भारतीय कंज्यूमर गुड्स सेक्टर में मर्जर और एक्विजिशन (M&A) की गतिविधियां तेज हैं। इस इंडस्ट्री में कड़ा मुकाबला है और क्विक कॉमर्स जैसे नए सेल्स चैनल्स तेजी से अपनी जगह बना रहे हैं। बड़ी FMCG कंपनियां अक्सर मार्केट शेयर बढ़ाने और अपने डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को मजबूत करने के लिए स्थापित ब्रांड्स को एक्वायर करती हैं।
इस डील की सफलता और वैल्यूएशन इस बात पर निर्भर करेगा कि DFM Foods अपने डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में कितना मजबूत है और क्या वह इंडस्ट्री के बढ़ते कंपटीशन के बीच अपनी ग्रोथ बनाए रख सकती है।"
