Aachi Masala Foods ने FY25 के लिए अपने वित्तीय आंकड़े जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **₹2,173 करोड़** रहा है, जबकि नेट प्रॉफिट **₹49.38 करोड़** दर्ज किया गया है। पिछले साल के मुकाबले रेवेन्यू में मामूली गिरावट दिखी है, लेकिन मुनाफे को लेकर कंपनी की रणनीति अब काफी आक्रामक हो गई है।
मुनाफे पर कंपनी का बड़ा दांव
साउथ इंडियन मार्केट की दिग्गज कंपनी Aachi Masala ने फाइनेंशियल ईयर 2025 के लिए जो नतीजे पेश किए हैं, उनसे साफ है कि अब कंपनी का जोर केवल सेल्स बढ़ाने पर नहीं, बल्कि मार्जिन बचाने पर है। पिछले साल यानी FY24 में कंपनी का रेवेन्यू ₹2,309 करोड़ था, जो इस बार घटकर ₹2,173 करोड़ पर आ गया है। हालांकि, नेट प्रॉफिट के मामले में कंपनी ने बाजी मार ली है। कंपनी का मुनाफा FY23 के ₹22 करोड़ से दोगुने से भी ज्यादा उछलकर ₹49.38 करोड़ पर पहुंच गया है।
फाउंडर की नई रणनीति
फाउंडर A.D. Padmasingh Isaac के नेतृत्व में कंपनी अब ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी का मानना है कि केवल वॉल्यूम ग्रोथ के पीछे भागने के बजाय उन प्रोडक्ट कैटेगरी पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है जहां मुनाफा अधिक है।
लिस्टेड कंपनियों के लिए क्या हैं संकेत?
Aachi Masala एक अनलिस्टेड कंपनी है, इसलिए निवेशक इसके शेयरों में सीधे निवेश नहीं कर सकते। लेकिन, FMCG सेक्टर में यह बड़ी लिस्टेड कंपनियों के लिए सीधी चुनौती है। कंपनी अब मसालों से आगे बढ़कर एडिबल ऑयल, शहद, अचार और होम केयर प्रोडक्ट्स में अपने 'Sabash' और 'Twinkle' ब्रांड्स के जरिए मार्केट शेयर हथियाने की कोशिश कर रही है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर Aachi Masala अपनी प्रॉफिटेबिलिटी बरकरार रखती है, तो यह संकेत है कि कंपनी आक्रामक डिस्काउंटिंग से हट रही है। इससे ITC, Tata Consumer, और Nestle जैसी दिग्गज कंपनियों के लिए प्राइसिंग का एक स्थिर माहौल बन सकता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कंपनी एग्रीकल्चरल कमोडिटी के उतार-चढ़ाव भरे दौर में अपने मुनाफे को इसी तरह मैनेज कर पाती है या नहीं।
