रेवेन्यू और प्रॉफिट के सारे रिकॉर्ड टूटे!
ADF Foods ने तीसरी तिमाही (Q3 FY'26) में इतिहास रच दिया है। कंपनी ने ₹191 करोड़ का अब तक का सबसे बड़ा कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 29.5% ज्यादा है। वहीं, तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) भी रेवेन्यू में 17.5% का उछाल देखा गया। कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA भी 40.6% बढ़कर ₹37.1 करोड़ रहा, जिससे EBITDA मार्जिन्स सुधरकर 19.4% पर पहुँच गए, जो पिछले साल Q3 में 17.0% थे।
अगर हम लेबर लॉ में बदलाव से जुड़े ₹6.8 करोड़ के एक खास आइटम को हटा दें, तो कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 55.7% की जोरदार तेजी आई और यह ₹29.2 करोड़ पर पहुंच गया।
स्टैंडअलोन प्रदर्शन भी दमदार
कंपनी के स्टैंडअलोन नतीजों की बात करें तो रेवेन्यू 13.3% बढ़कर ₹137.2 करोड़ रहा। स्टैंडअलोन EBITDA में 35.1% का इजाफा हुआ और यह ₹34.4 करोड़ तक पहुंच गया। EBITDA मार्जिन्स में भी जबरदस्त सुधार दिखा, जो 400 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 25.1% हो गए। इस बेहतर परफॉरमेंस में वॉल्यूम ग्रोथ का बड़ा योगदान रहा, जिसने कुल रेवेन्यू ग्रोथ में करीब 70% का योगदान दिया। कंपनी को PLI इंसेन्टिव से भी करीब ₹7 करोड़ मिले, जिससे उसकी वित्तीय स्थिति और मजबूत हुई।
आगे क्या है कंपनी की रणनीति?
मैनेजमेंट का मानना है कि Ashoka और Truly Indian ब्रांड्स की लगातार मांग, US में गहरी पैठ (Truly Indian अब 2,000 से ज्यादा स्टोर्स में उपलब्ध है) और ऑपरेशनल डिसिप्लिन के दम पर कंपनी लंबी अवधि में अच्छी ग्रोथ जारी रखेगी। इसके अलावा, सूरत में नया ग्रीनफील्ड प्लांट का फेज-1 Q4 FY'26 तक शुरू होने की उम्मीद है, जिससे नई प्रोडक्ट्स लॉन्च करने और क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
ADF Foods ने FY'27 के लिए ₹925 करोड़ से ₹1,000 करोड़ के रेवेन्यू का लक्ष्य रखा है और कंसोलिडेटेड EBITDA मार्जिन्स को हाई टीन्स में बनाए रखने की कोशिश करेगी। US में मांग मजबूत बनी हुई है, और टैरिफ संबंधी अनिश्चितताओं के दूर होने से नए प्रोडक्ट्स की लॉन्चिंग में तेजी आने की उम्मीद है। पहले जो कैपेसिटी की कमी कुछ प्रोडक्ट्स के लिए एक बाधा थी, उसे अब डी-बॉटलनेकिंग और सूरत प्लांट के ज़रिए दूर कर लिया जाएगा।