मुनाफे में 11% की छलांग, मार्जिन पर कंपनी की पैनी नज़र
Allied Blenders and Distillers (ABDL) ने अपने लेटेस्ट तिमाही नतीजों (Q3 FY26) में निवेशकों को खुशखबरी दी है। कंपनी ने ₹1,004 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 2.8% ज्यादा है। वहीं, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 10.9% का शानदार इजाफा हुआ, जो ₹64 करोड़ रहा। कंपनी का EBITDA भी 14.1% बढ़कर ₹137 करोड़ पर पहुंच गया, जिससे EBITDA मार्जिन 13.6% पर सुधर गया। इस दौरान बेची गई वॉल्यूम 1.3% बढ़कर 9 मिलियन केस रही।
9 महीने में भी शानदार प्रदर्शन
इस फाइनेंशियल ईयर की पहली नौ महीनों (9M FY26) की बात करें तो ABDL ने रेवेन्यू में 12.4% की ग्रोथ के साथ ₹2,929 करोड़ कमाए। EBITDA में 28.1% का जबरदस्त उछाल आया और यह ₹386 करोड़ रहा, वहीं EBITDA मार्जिन बढ़कर 13.2% हो गया। PAT पिछले साल की तुलना में 57% की भारी बढ़ोतरी के साथ ₹182 करोड़ दर्ज किया गया।
मार्जिन सुधार की मुख्य वजहें
कंपनी की बेहतर प्रॉफिटेबिलिटी का मुख्य कारण मार्जिन में सुधार है। कंपनी की पॉटेबल अल्कोहल (P&A) सेगमेंट में 16.9% की वॉल्यूम ग्रोथ देखी गई। बैकवर्ड इंटीग्रेशन जैसे PET बॉटलिंग प्लांट से एफिशिएंसी बढ़ी है, जिससे लागत कम हुई है। कंपनी का नेट डेब्ट (Net Debt) भी पिछले क्वार्टर के ₹893 करोड़ से घटकर ₹785 करोड़ रह गया है, जो कंपनी की मजबूत फाइनेंशियल पोजीशन को दर्शाता है। Q3 FY26 में ऑपरेटिंग कैश फ्लो ₹173 करोड़ जनरेट हुआ।
भविष्य के लिए बड़े लक्ष्य
मैनेजमेंट का मानना है कि Q4 FY26 में भी टॉप-लाइन ग्रोथ डबल-डिजिट में रहने की उम्मीद है। अगले फाइनेंशियल ईयर के लिए कंपनी ने FY28 तक EBITDA मार्जिन को 18% तक ले जाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है, जो पिछली उम्मीदों से काफी ज्यादा है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए तेलंगाना और महाराष्ट्र में नई डिस्टिलरीज और बैकवर्ड इंटीग्रेशन प्रोजेक्ट्स पर जोर दिया जा रहा है। कंपनी को उम्मीद है कि तेलंगाना मार्केट में चल रही दिक्कतें Q4 FY26 तक सामान्य हो जाएंगी।
रिस्क और आगे का रास्ता
हालांकि, कंपनी के लिए तेलंगाना और महाराष्ट्र जैसे कुछ क्षेत्रों में मार्केट की चुनौतियां बनी हुई हैं। महत्वाकांक्षी कैपेसिटी एक्सपेंशन प्लान्स को समय पर पूरा करना मार्जिन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए अहम होगा। साथ ही, राज्य सरकारों द्वारा एक्साइज ड्यूटी में किसी भी तरह की बढ़ोतरी का इंडस्ट्री पर असर पड़ सकता है।
आगे चलकर, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में नई बॉटलिंग फैसिलिटीज में फेज-2 कैपेक्स पर नजर रहेगी, जिनसे लागत में कमी आएगी। CSD मार्केट में चार ब्रांड्स के साथ उतरना एक नया रेवेन्यू सोर्स खोल सकता है। कंपनी 14 देशों से 31 देशों तक अपने इंटरनेशनल बिजनेस का विस्तार कर रही है, जो लंबी अवधि में ग्रोथ का एक बड़ा अवसर है। प्रीमियम और लग्जरी सेगमेंट पर फोकस और अनुशासित कैपिटल डिप्लॉयमेंट ABDL को भारतीय और ग्लोबल मार्केट में बेहतर स्थिति में रखेगा।
