साल भर की कमाई शानदार, पर Q4 में टैक्स ने लगाया ब्रेक
Associated Breweries & Distilleries (ABD) ने Financial Year 2026 (FY26) में अपनी सर्वोच्च सालाना कमाई हासिल की है। कंपनी का समेकित EBITDA 25.8% की जोरदार बढ़त के साथ ₹568 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि PAT 13% की बढ़ोतरी के साथ ₹220 करोड़ रहा। इस शानदार प्रदर्शन के चलते बोर्ड ने शेयरधारकों के लिए डिविडेंड (Dividend) को 50% बढ़ाकर ₹5.4 प्रति शेयर करने का प्रस्ताव दिया है, जो पिछले साल FY25 में ₹3.6 था।
इसके विपरीत, FY26 की चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे उम्मीदों से कुछ कमजोर रहे। इस तिमाही में नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹79 करोड़ की तुलना में 52.1% गिरकर ₹38 करोड़ पर आ गया। यह गिरावट मुख्य रूप से पिछली अवधि से जुड़े ₹45.45 करोड़ के एक-मुश्त टैक्स चार्ज के कारण आई। अगर इस टैक्स चार्ज को हटा दें, तो कंपनी का ऑपरेशनल प्रदर्शन काफी मजबूत रहा। Q4 में EBITDA 21.2% बढ़कर ₹182 करोड़ हुआ और मार्जिन 179 बेसिस पॉइंट्स सुधरकर 17.9% पर पहुंच गया।
प्रीमियम सेगमेंट ने बढ़ाई रेवेन्यू की रफ्तार
पूरे फाइनेंशियल ईयर में कंपनी का रेवेन्यू 11.5% बढ़कर ₹3,949 करोड़ रहा। इस उछाल का बड़ा श्रेय कंपनी के हाई-मार्जिन वाले 'Prestige and Above' (P&A) सेगमेंट में 26.8% की जबरदस्त वॉल्यूम ग्रोथ को जाता है। अब P&A सेगमेंट कुल बिक्री वॉल्यूम का 47.2% हिस्सा रखता है, जो पिछले साल FY25 में 40.4% था। कंपनी का फ्लैगशिप ब्रांड, ICONiQ White Whisky, जिसे 2022 में लॉन्च किया गया था, लगातार दूसरे साल दुनिया का सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला मिलियन-केस स्पिरिट ब्रांड बना है। FY26 में इसने 87.8% की ग्रोथ के साथ 10 मिलियन केस का आंकड़ा पार कर लिया।
लागत में कटौती और अंतर्राष्ट्रीय विस्तार पर जोर
ग्रॉस मार्जिन 350 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 45.6% हो गया। इसका एक कारण तेलंगाना में सितंबर 2025 में शुरू हुआ नया PET बॉटल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट जैसी बैकवर्ड इंटीग्रेशन (backward integration) की पहलें हैं। इन कदमों का मकसद लागत कम करना और सप्लाई चेन को सुरक्षित करना है। ऑपरेटिंग कैश फ्लो में भी भारी सुधार हुआ है, जो FY25 के नेगेटिव ₹678 करोड़ से सुधरकर पॉजिटिव ₹362 करोड़ हो गया है।
कंपनी ने अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भी अपनी पैठ बढ़ाई है और अब यह 23 देशों से बढ़कर 36 देशों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुकी है। एक्सपोर्ट रेवेन्यू 14.1% बढ़कर ₹235 करोड़ रहा। ABD अपनी बैकवर्ड इंटीग्रेशन योजनाओं को जारी रखे हुए है, जिसमें FY27 की पहली छमाही तक तेलंगाना में एक सिंगल माल्ट डिस्टिलरी, महाराष्ट्र में ENA डिस्टिलरी का विस्तार और FY27 में उत्तर प्रदेश में एक बॉटलिंग यूनिट की योजना शामिल है। KION Blenders में 50% हिस्सेदारी का अधिग्रहण भी FY28 की चौथी तिमाही तक एक डुअल-मोड डिस्टिलरी स्थापित करेगा।
आगे की राह और चुनौतियां
ABD के बारे में रियल-टाइम स्टॉक प्राइस और P/E रेश्यो जैसे विस्तृत बाज़ार और वित्तीय डेटा आसानी से उपलब्ध नहीं हैं, जिससे यह एक प्राइवेट कंपनी के तौर पर काम कर रही है या प्रमुख एक्सचेंजों पर लिस्टेड नहीं है। इस पारदर्शिता की कमी के कारण United Spirits Limited या Radico Khaitan जैसी पब्लिकली ट्रेडेड कंपनियों के साथ सीधी तुलना करना मुश्किल है। कंपनी की बड़ी कैपिटल एक्सपेंडिचर (CAPEX) योजनाएं महत्वपूर्ण एग्जीक्यूशन जोखिम रखती हैं और इसके लिए बड़े शुरुआती निवेश की ज़रूरत होगी। प्रीमियम सेगमेंट की ओर बढ़ना एक मज़बूत रणनीति है, लेकिन ICONiQ White Whisky की लगातार तेज़ ग्रोथ और P&A सेगमेंट पर ज़्यादा निर्भरता अस्थिरता पैदा कर सकती है। इसके अलावा, भारतीय शराब उद्योग लगातार बदलते नियमों, जैसे संभावित टैक्स और नीतियों में बदलाव, का सामना करता है, जो लाभप्रदता और बाज़ार पहुंच को प्रभावित कर सकते हैं। बड़े प्रतियोगियों के पास स्थापित डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क भी प्राइसिंग प्रेशर बढ़ा सकते हैं।
भविष्य की उम्मीदें
Financial Year 2027 (FY27) के लिए, ABD का प्रबंधन मिड-टीन्स (लगभग 15%) रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान लगा रहा है। कंपनी का लक्ष्य FY28 तक 18% के आसपास EBITDA मार्जिन हासिल करना है, जिसमें दक्षता और प्रोडक्ट मिक्स के ज़रिए लाभप्रदता बढ़ाने के निरंतर प्रयासों पर ज़ोर दिया गया है। यह आउटलुक भारत के प्रीमियम स्पिरिट्स मार्केट में लगातार ग्रोथ की उम्मीदों पर आधारित है।