मुनाफे में गिरावट, पर ऑपरेशनल परफॉरमेंस दमदार
Q4 FY26 में Allied Blenders and Distillers (ABD) के नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 52.1% की भारी गिरावट आई, जो ₹38 करोड़ रहा। कंपनी का कहना है कि यह गिरावट एक बार की ₹45 करोड़ की टैक्स प्रोविजन्स और पिछले करों से जुड़े ब्याज के कारण आई है, जिसे कंपनी नॉन-रेकरिंग (non-recurring) बता रही है।
रेवेन्यू और EBITDA में रिकॉर्ड उछाल
वहीं, ऑपरेशन से होने वाली आय (income from operations) 9.1% बढ़कर ₹1,020 करोड़ पर पहुंच गई। सबसे खास बात यह है कि कंपनी का EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) 21.2% बढ़कर ₹182 करोड़ के अपने तिमाही के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया। इस शानदार परफॉरमेंस का श्रेय कंपनी के प्रीमियम और एरोमैटिक (P&A) सेगमेंट को जाता है, जहां वॉल्यूम ग्रोथ 20% से भी ज्यादा रही।
ग्लोबल विस्तार और ब्रांड की ताकत
ABD ने 36 देशों में अपने प्रोडक्ट्स की पहुंच बढ़ाई है, जिससे इंटरनेशनल रेवेन्यू में लगातार दूसरे साल 15% से ज्यादा की ग्रोथ दर्ज की गई। कंपनी का फ्लैगशिप ब्रांड ICONiQ 1.1 करोड़ केस (cases) के आंकड़े को पार कर गया।
लागत का दबाव और इंडस्ट्री ट्रेंड्स
बाजार की बात करें तो अल्कोहलिक बेवरेज सेक्टर में प्रीमियम सेगमेंट तेजी से बढ़ रहा है। लेकिन, वैश्विक संघर्षों के कारण पैकेजिंग मटेरियल के दाम काफी बढ़ गए हैं। ग्लास बॉटल्स 11-17%, प्लास्टिक कैप 31-40% और एल्युमिनियम कैन 8% तक महंगे हुए हैं, जिससे इंडस्ट्री में पैकेजिंग की लागत 30-40% तक बढ़ गई है।
एनालिस्ट्स का 'Strong Buy' रेटिंग
इन चुनौतियों के बावजूद, एनालिस्ट्स (analysts) ABD को लेकर काफी बुलिश (bullish) हैं। उन्होंने स्टॉक पर "Strong Buy" की रेटिंग बनाए रखी है और 12 महीने का टारगेट प्राइस लगभग ₹692 रखा है, जो मौजूदा भाव से 20% से ज्यादा की तेजी का संकेत देता है।
जोखिम और भविष्य की योजनाएं
हालांकि, वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव के कारण इनपुट कॉस्ट (input costs) में 10-15% की बढ़ोतरी और ₹58.18 करोड़ (पिछले साल के मुकाबले 80% ज्यादा) तक पहुंच चुके फाइनेंस कॉस्ट (finance costs) जैसे कुछ रिस्क भी बने हुए हैं। कंपनी के 168 दिन के एलिवेटेड डेटर्स (elevated debtors) भी वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट पर सवाल उठाते हैं।
लेकिन, मैनेजमेंट को उम्मीद है कि आने वाले समय में इंडिया-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) से मार्जिन में 200 बेसिस पॉइंट्स (basis points) का सुधार होगा और वह FY28 तक 18% मार्जिन का लक्ष्य रख रहे हैं। इसके अलावा, कंपनी तमिलनाडु मार्केट में वापसी और आंध्र प्रदेश में नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के जरिए अपनी ग्रोथ को और तेज करने की योजना बना रही है।