AB InBev: भारत में प्रीमियम बीयर का बढ़ा दायरा, रूरल मार्केट में अब बड़ा दांव

CONSUMER-PRODUCTS
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
AB InBev: भारत में प्रीमियम बीयर का बढ़ा दायरा, रूरल मार्केट में अब बड़ा दांव

बीयर दिग्गज Anheuser-Busch InBev अब भारत के रूरल और सेमी-अर्बन बाजारों पर फोकस कर रही है। हाई-एंड प्रोडक्ट्स की बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी अपनी डिस्ट्रीब्यूशन रणनीति बदल रही है, जबकि मार्जिन बचाने के लिए कुछ राज्यों से दूरी बनाई है।

प्रीमियम सेगमेंट से शानदार ग्रोथ

कंपनी अपनी पारंपरिक मेट्रो-केंद्रित नीति को बदलकर अब छोटे शहरों की ओर रुख कर रही है। AB InBev के प्रीमियम सेगमेंट में 20% की जोरदार ग्रोथ देखी गई है, जो अब कंपनी के कुल वॉल्यूम और रेवेन्यू का करीब दो-तिहाई (66%) हिस्सा है। झारखंड और राजस्थान जैसे राज्य अब ग्रोथ में अहम योगदान दे रहे हैं। कंपनी अपने फ्लैगशिप ब्रांड 'Corona' को अब 10 राज्यों के नेटवर्क में फैला रही है, जिसे कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में अनुकूल टैक्स सुधारों का सहारा मिल रहा है।

राज्यों के चुनाव में सावधानी

कंपनी अपने कैपिटल इन्वेस्टमेंट को लेकर बेहद सतर्क है। उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में नए निवेश पर रोक लगा दी गई है, क्योंकि वहां कई सालों से रिटेल कीमतों में बदलाव नहीं हुआ है। मैनेजमेंट का मानना है कि महंगाई के दौर में कीमत बढ़ाने की आजादी न होने से कंपनी के मुनाफे पर असर पड़ता है। इसके अलावा, तेलंगाना में कंपनी के करीब $50 मिलियन के बकाये भुगतान का मुद्दा राज्य-दर-राज्य नियमों की जटिलताओं को दर्शाता है।

ग्लोबल फाइनेंशियल हेल्थ और चुनौतियां

वैश्विक स्तर पर कंपनी की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। जून 2026 तक कंपनी ने अपने नेट डेट-टू-EBITDA रेशियो को घटाकर 2.86x कर लिया है, जो पिछले साल 3.27x था। हालांकि, निवेशकों के लिए भारतीय बाजार में कुछ जोखिम भी हैं। Competition Commission of India (CCI) द्वारा एंटी-कॉम्पिटिटिव प्रैक्टिस को लेकर चल रही जांच एक बड़ा सरदर्द बनी हुई है। इसके साथ ही, कच्चे माल की महंगाई और कानूनी अनिश्चितताओं के बीच कंपनी को अपनी ग्रोथ को मैनेज करना होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.