ग्लोबल ब्रूअर AB InBev ने नीमराना, राजस्थान में **₹200 करोड़** की लागत से एक नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शुरू की है। Rochees Breweries के साथ मिलकर शुरू की गई यह यूनिट सेमी-अर्बन और ग्रामीण इलाकों में बीयर की बढ़ती मांग को पूरा करेगी।
उत्पादन क्षमता में बड़ा इजाफा
जुलाई 2026 से शुरू हुई यह नई फैसिलिटी उत्तर और मध्य भारत में कंपनी की सप्लाई चेन को मजबूती देगी। अब तक कंपनी के मौजूदा प्लांट्स 100% से ज्यादा कैपेसिटी पर काम कर रहे थे, जिससे आपूर्ति पर दबाव बना हुआ था। अब नीमराना प्लांट के आने से उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और झारखंड जैसे राज्यों में बीयर की सप्लाई और बेहतर हो सकेगी।
भारत पर बड़ा फोकस
AB InBev की यह कवायद भारत को लेकर उनकी लंबी अवधि की रणनीति का हिस्सा है। कंपनी 2016 से अब तक भारत में $1.5 बिलियन से ज्यादा का निवेश कर चुकी है। उनका लक्ष्य अगले 10 सालों में भारत को दुनिया का सबसे बड़ा मार्केट बनाना है।
सेक्टर के सामने चुनौतियां
हालांकि, भारत में शराब का कारोबार राज्य का विषय है, जिसके कारण अलग-अलग राज्यों में टैक्स और डिस्ट्रीब्यूशन के नियम जटिल हो जाते हैं। इसके अलावा, भारतीय बाजार बहुत ज्यादा प्राइस-सेंसिटिव है। बारले (Barley) और ग्लास पैकेजिंग जैसी चीजों के दाम बढ़ने के बावजूद कंपनियां कीमतें बढ़ाने में काफी सतर्क रहती हैं, क्योंकि इसका असर डिमांड पर पड़ सकता है।
अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी कैसे अपनी वॉल्यूम और प्रॉफिट मार्जिन के बीच संतुलन बनाए रखती है और क्या आने वाले समय में राज्य स्तरीय नीतियां उनके विस्तार में मददगार साबित होंगी।
