FIFA World Cup से ब्राजील और मैक्सिको जैसी बड़ी टीमों के जल्दी बाहर हो जाने से वैश्विक बीयर बनाने वाली कंपनियों Anheuser-Busch InBev (AB InBev) और Heineken के शेयरों में गिरावट आई है। विश्लेषकों का कहना है कि टीमों के जल्दी बाहर होने से बीयर की खपत कम हो जाती है, जिसका असर इन लैटिन अमेरिकी बाजारों में बड़ी हिस्सेदारी रखने वाली कंपनियों के तीसरी तिमाही के रेवेन्यू पर पड़ सकता है।
World Cup से टीमों के बाहर होने से बीयर इंडस्ट्री में चिंता
FIFA World Cup से ब्राजील और मैक्सिको के जल्दी बाहर होने से वैश्विक बीयर इंडस्ट्री, खासकर लैटिन अमेरिका में मजबूत पकड़ रखने वाली कंपनियों की चिंता बढ़ गई है। आमतौर पर, वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में टीमों के आगे बढ़ने से सामाजिक समारोह बढ़ते हैं और बीयर की खपत में इजाफा होता है। अब जब इन दो बड़े बाजारों की टीमें बाहर हो चुकी हैं, तो कंपनियों को आने वाली तीसरी तिमाही की नतीजों में बिक्री की उम्मीद से कम रहने का डर सता रहा है।
शेयर बाजार पर असर
मार्केट डेटा के अनुसार, Corona और Skol जैसे पॉपुलर ब्रांड्स की मालिक Anheuser-Busch InBev के शेयर ब्रसेल्स में 4% से ज्यादा गिरे। Heineken, जिसकी भी इस क्षेत्र में मजबूत मौजूदगी है, के शेयर एम्स्टर्डम में 1.4% टूटे। इस नेगेटिव सेंटीमेंट का असर दूसरे संबंधित स्टॉक्स पर भी दिखा। Corona और Modelo के अमेरिकी डिस्ट्रीब्यूटर Constellation Brands के शेयर 4.9% गिरे। वहीं, AB InBev की ब्राज़ील स्थित अहम सब्सिडियरी Ambev SA के शेयर 2.5% नीचे बंद हुए।
विश्लेषकों की राय
फाइनेंशियल एनालिस्ट्स का मानना है कि ब्राजील के बाहर होने का असर रेवेन्यू पर मैक्सिको से कहीं ज्यादा होगा। इसकी मुख्य वजह ब्राज़ीलियाई मार्केट में बीयर की ज्यादा खपत और टीम के प्रदर्शन से जुड़ी कंज्यूमर एंथूजियाज्म है। चूंकि बीयर बनाने वाली कंपनियां टूर्नामेंट में टीमों की निरंतर भागीदारी के आधार पर ग्रोथ का अनुमान लगाती हैं, इसलिए इन शुरुआती नॉकआउट्स से इस क्षेत्र के लिए वॉल्यूम की उम्मीदों में कटौती करनी पड़ सकती है।
आगे क्या?
फिलहाल फोकस लैटिन अमेरिका में बिक्री के नुकसान पर है, लेकिन कुछ विश्लेषक स्थिरता के लिए अमेरिकी बाजार को देख रहे हैं। AB InBev के ग्लोबल रेवेन्यू का लगभग 20% अमेरिका से आता है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या अमेरिकी टीम की निरंतर भागीदारी लैटिन अमेरिकी बिक्री में आई कमी को पूरा कर पाती है। इसके अलावा, कंपनियों को संभावित कमजोर मांग के बीच अपने प्रॉफिट मार्जिन को मैनेज करने पर भी ध्यान देना होगा, क्योंकि बीयर निर्माता अक्सर फिक्स्ड प्रोडक्शन और डिस्ट्रीब्यूशन कॉस्ट को पूरा करने के लिए हाई-वॉल्यूम पीरियड्स पर निर्भर रहते हैं।
