MCX पर जिंक फ्यूचर्स इस समय ₹412 से ₹422 के दायरे में कारोबार कर रहा है। फिलहाल यह ₹415 के स्तर पर टिका है, जिस पर निवेशकों की पैनी नजर है कि क्या यह अपने रेजिस्टेंस को तोड़ेगा या सपोर्ट की ओर लुढ़केगा।
बाजार की मौजूदा स्थिति
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर जिंक फिलहाल कंसोलिडेशन के दौर से गुजर रहा है। अक्टूबर कॉन्ट्रैक्ट का भाव पिछले दो हफ्तों से ₹412 के निचले स्तर और ₹422 के ऊपरी स्तर के बीच झूल रहा है। यह दायरे में कारोबार (range-bound) यह संकेत देता है कि फिलहाल मार्केट में खरीदारी और बिकवाली के बीच एक संतुलन बना हुआ है और कोई भी एक पक्ष अभी हावी नहीं है।
क्यों अहम है जिंक?
जिंक एक प्रमुख इंडस्ट्रियल मेटल है, जिसका इस्तेमाल स्टील को जंग से बचाने के लिए गैल्वनाइजिंग में बड़े पैमाने पर होता है। यही वजह है कि कमोडिटी एक्सचेंज पर इसकी कीमतों को मैन्युफैक्चरिंग डिमांड और इंडस्ट्रियल एक्टिविटी का बैरोमीटर माना जाता है।
जरूरी सपोर्ट और रेजिस्टेंस
ट्रेडर्स की नजरें अभी ₹422 के इमीडिएट रेजिस्टेंस लेवल पर टिकी हैं। अगर भाव इस दायरे को पार करता है, तो बाजार में एक नया पॉजिटिव ट्रेंड देखने को मिल सकता है। दूसरी तरफ, ₹400 का लेवल एक मजबूत सपोर्ट के तौर पर काम कर रहा है। यदि कीमत इस स्तर से नीचे फिसलती है, तो बाजार में सेंटीमेंट बिगड़ सकता है और गिरावट बढ़ सकती है।
कमोडिटी बाजार में उतार-चढ़ाव काफी तेज होता है, जो ग्लोबल सप्लाई चेन और आर्थिक स्थितियों पर निर्भर करता है। आने वाले दिनों में इंडस्ट्रियल डिमांड का रुख ही यह तय करेगा कि जिंक का भाव अपने सपोर्ट को बचा पाता है या फिर किसी बड़ी गिरावट के लिए तैयार है।
