Zinc futures के नवंबर कॉन्ट्रैक्ट्स फिलहाल **₹419** के आसपास कारोबार कर रहे हैं और अब सबकी नजरें **₹424** के रेजिस्टेंस लेवल पर टिकी हैं। यह लेवल मेटल की अगली दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
नवंबर डिलीवरी वाले Zinc futures में हलचल तेज है। वर्तमान में कीमतें ₹419 प्रति किलोग्राम तक पहुंच चुकी हैं और बाजार अब ₹424 के प्राइस सीलिंग पर बारीकी से नजर बनाए हुए है। अगर यह लेवल टूटता है, तो इसे औद्योगिक मांग (industrial momentum) के बढ़ने का स्पष्ट संकेत माना जाएगा।
इंडस्ट्रियल डिमांड का खेल
जिंक की मांग सीधे तौर पर स्टील गैल्वनाइजिंग से जुड़ी है, जो कंस्ट्रक्शन, इन्फ्रास्ट्रक्चर और ऑटोमोटिव सेक्टर में इस्तेमाल होता है। अगर इन सेक्टर्स में हलचल तेज रहती है, तो कीमतों को सपोर्ट मिलता है। हालांकि, मैन्युफैक्चरिंग सुस्त होने या ग्लोबल मार्केट में सप्लाई बढ़ने पर कीमतों में दबाव भी देखा जा सकता है।
टेक्निकल चार्ट और लेवल
कमोडिटी बाजार में ₹424 एक बड़ा मनोवैज्ञानिक और टेक्निकल रेजिस्टेंस है। यदि जिंक इसे पार करने में कामयाब रहता है, तो ₹435 और ₹450 के लेवल देखने को मिल सकते हैं। दूसरी ओर, अगर यह लेवल बाधा बनता है, तो कीमतें नीचे की ओर जा सकती हैं, जहां ₹402 का सपोर्ट लेवल एक मजबूत आधार का काम करेगा।
जोखिम और वैश्विक कारक
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि बेस मेटल्स में काफी उतार-चढ़ाव होता है। जिंक की कीमतें न केवल स्थानीय बल्कि वैश्विक कारकों जैसे चीन की मांग और अमेरिकी डॉलर की चाल से भी प्रभावित होती हैं। डॉलर के मजबूत होने पर इंपोर्ट महंगा हो जाता है, जिसका असर मेटल की डिमांड पर पड़ सकता है।
आगे क्या देखें?
ट्रेडर्स के लिए LME (London Metal Exchange) के ट्रेंड्स और इन्वेंट्री अपडेट्स पर नजर रखना सबसे जरूरी है। यह देखना अहम होगा कि क्या जिंक ₹402 के सपोर्ट को होल्ड कर पाता है या फिर ₹424 के बैरियर को तोड़कर नई तेजी की शुरुआत करता है।
