Vedanta का जलवा! Tata Steel को पीछे छोड़ा Market Cap में, पर Sensex में बनी रहेगी जगह?

COMMODITIES
Whalesbook Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Vedanta का जलवा! Tata Steel को पीछे छोड़ा Market Cap में, पर Sensex में बनी रहेगी जगह?
Overview

Vedanta Ltd. ने Tata Steel Ltd. को कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन (Market Capitalization) के मामले में पीछे छोड़ दिया है। Vedanta का मार्केट कैप **₹2.86 लाख करोड़** हो गया है, जबकि Tata Steel का **₹2.70 लाख करोड़** पर है। हालांकि, इस बड़े उलटफेर के बावजूद, Vedanta के Sensex इंडेक्स में शामिल होने की संभावना फिलहाल कम दिख रही है।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

मार्केट कैप की रेस: Vedanta आगे, पर Sensex में Tata Steel का दबदबा क्यों?

Vedanta Ltd. ने कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन के मामले में Tata Steel Ltd. को पीछे छोड़ दिया है। फरवरी 2026 तक Vedanta का मार्केट कैप ₹2,86,240 करोड़ पर पहुंच गया, वहीं Tata Steel ₹2,70,206 करोड़ पर रहा। लेकिन, इस वैल्यूएशन में बड़े उछाल के बावजूद, Vedanta के लिए बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के बेंचमार्क Sensex इंडेक्स में शामिल होने का रास्ता फिलहाल आसान नहीं दिख रहा है।

Sensex इंडेक्स के नियम कुल मार्केट कैप पर नहीं, बल्कि फ्री फ्लोट मार्केट कैपिटलाइज़ेशन पर आधारित होते हैं। फ्री फ्लोट का मतलब है वो शेयर जो आम जनता के लिए आसानी से ट्रेड (Trade) होने के लिए उपलब्ध हैं, इसमें प्रमोटरों की हिस्सेदारी शामिल नहीं होती। इसी पैमाने पर, Tata Steel अभी भी Vedanta से काफी आगे है। Tata Steel का फ्री फ्लोट मार्केट कैप लगभग ₹1.77 लाख करोड़ है, जबकि Vedanta का ₹1.23 लाख करोड़ है। यह अंतर बताता है कि Tata Steel के शेयर पब्लिक के लिए ज्यादा लिक्विड (Liquid) हैं, जो इंडेक्स में बने रहने के लिए एक अहम पैमाना है। Vedanta का मार्केट कैप फिलहाल प्रमोटर होल्डिंग्स पर ज्यादा निर्भर दिख रहा है।

Vedanta का दबदबा और Tata Steel की रणनीति

Vedanta की इस हालिया तेजी की मुख्य वजह Q3 FY26 में आया शानदार प्रदर्शन है। कंपनी का EBITDA ₹15,171 करोड़ रहा, जो अब तक का सबसे ज्यादा है। वहीं, नेट प्रॉफिट 60% बढ़कर ₹7,807 करोड़ दर्ज किया गया। कमोडिटी (Commodity) की कीमतों में तेजी और कंपनी की पांच हिस्सों में डी-मर्जर (Demerger) की योजना निवेशकों को आकर्षित कर रही है। कंपनी 6% से ज्यादा का डिविडेंड यील्ड (Dividend Yield) भी दे रही है, जो आय चाहने वाले निवेशकों के लिए फायदेमंद है। Vedanta का P/E रेश्यो 15-20x के बीच है और कई एनालिस्ट इसे 'Buy' रेटिंग दे रहे हैं, जिनका औसत टारगेट ₹781.08 है। BofA सिक्योरिटीज ने भी हाल ही में स्टॉक को 'Buy' रेटिंग देते हुए टारगेट ₹840 तय किया है।

दूसरी ओर, Tata Steel एक लंबी अवधि की रणनीति पर काम कर रही है, जिसमें सस्टेनेबिलिटी (Sustainability) और ट्रांसफॉर्मेशन (Transformation) पर जोर है। Q3 FY26 में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹57,002 करोड़ रहा और नेट प्रॉफिट ₹2,689 करोड़ दर्ज किया गया। कंपनी यूरोप में अपने ऑपरेशंस को कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (EAF) में बदल रही है। यह एक कैपिटल-इंटेंसिव (Capital-intensive) कदम है जो फिलहाल प्रॉफिट पर असर डाल रहा है, लेकिन भविष्य के नियमों के हिसाब से जरूरी है। Tata Steel के इंडिया ऑपरेशंस मजबूत बने हुए हैं, जहां 24% EBITDA मार्जिन और ₹5,206 करोड़ का नेट डेट रिडक्शन देखा गया। इसका P/E रेश्यो 28-39x के दायरे में है। एनालिस्ट्स इसे 'Strong Buy' मानते हैं, जिनका औसत टारगेट ₹232.33 है।

दोनों कंपनियों के सामने जोखिम

Vedanta की डी-मर्जर योजना वैल्यू बढ़ाने वाली हो सकती है, लेकिन इसमें एग्जीक्यूशन (Execution) से जुड़ी मुश्किलें आ सकती हैं। साथ ही, प्रमोटर होल्डिंग्स पर निर्भरता और कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव Vedanta के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं। कुछ वैल्युएशन एक्सपर्ट्स के अनुसार, Vedanta का P/E रेश्यो अब 'महंगा' माना जा रहा है।

Tata Steel के लिए यूरोप में EAF ट्रांजिशन (Transition) में भारी निवेश एक बड़ी चुनौती है, जो शॉर्ट-टर्म प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव डाल सकता है। इसका हायर P/E रेश्यो भी यह बताता है कि मार्केट ने भविष्य की कुछ ग्रोथ को पहले ही प्राइस-इन (Price-in) कर लिया है।

आगे का रास्ता और Sensex में स्थिति

Vedanta को Sensex में Tata Steel की जगह लेने के लिए अपने फ्री फ्लोट मार्केट कैप में काफी बड़ा इजाफा करना होगा। फिलहाल, मार्केट जिस तरह से हाई मार्जिन और तुरंत रिटर्न को तरजीह दे रहा है, उससे Vedanta का टोटल मार्केट कैप लीड बनी रह सकती है। हालांकि, Tata Steel की सस्टेनेबिलिटी में निवेश और बेहतर लिक्विडिटी इसे Sensex में अपनी स्थिति बनाए रखने में मदद करेगी। एनालिस्ट्स दोनों कंपनियों को लेकर पॉजिटिव हैं, लेकिन Vedanta के शॉर्ट-टर्म टारगेट ₹480 से ₹686 तक हैं, जबकि Tata Steel के ₹210-230 के आसपास हैं।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.