रेकॉर्ड नतीजों के पीछे की कहानी
Vedanta Limited के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) जबरदस्त साबित हुई। कंपनी ने न सिर्फ अपने पिछले साल के आंकड़ों को पीछे छोड़ा, बल्कि कई रिकॉर्ड भी बनाए। इस शानदार परफॉरमेंस की वजहें कंपनी के रेकॉर्ड ऑपरेशनल वॉल्यूम, लागत में कमी और ग्रोथ पर फोकस रहे।
ऑपरेशनल एफिशिएंसी और कैपेक्स का दम
कंपनी ने एल्यूमिना का 2.9 मिलियन टन और एल्यूमीनियम का 2.46 मिलियन टन प्रोडक्शन दर्ज किया। खास बात यह है कि एल्यूमीनियम और जिंक सेगमेंट में कंपनी ने पिछले 5 सालों का सबसे कम ऑपरेटिंग कॉस्ट हासिल किया। यह एफिशिएंसी ₹14,918 करोड़ के ग्रोथ कैपेक्स (Growth Capex) से भी मजबूत हुई, जिसमें नए प्रोजेक्ट्स का एक्सपेंशन शामिल है।
डी-मर्जर (Demerger) का बड़ा ऐलान
इस फाइनैंशियल अपडेट के साथ, Vedanta ने अपने रणनीतिक डी-मर्जर (Demerger) प्लान को भी फाइनल कर दिया है। यह डी-मर्जर 1 मई, 2026 से प्रभावी होगा। कंपनी के CFO अजय गोयल ने कहा कि इसका मकसद अलग-अलग बिजनेस यूनिट्स को और मजबूत बनाना और शेयरहोल्डर वैल्यू को बढ़ाना है।
मजबूत बैलेंस शीट और शेयरधारकों को इनाम
फाइनेंशियल ईयर 2026 के दौरान कंपनी की वित्तीय सेहत में बड़ा सुधार देखा गया। रेवेन्यू 15% बढ़कर ₹1,74,075 करोड़ हो गया, जबकि EBITDA 29% बढ़कर ₹55,976 करोड़ और PAT 22% बढ़कर ₹25,096 करोड़ रहा। नेट डेट टू EBITDA रेशियो 1.22x से घटकर 0.95x हो गया। इन बेहतर रेश्यो के चलते CRISIL और ICRA जैसी रेटिंग एजेंसियों ने कंपनी की रेटिंग को 'AA' (Watch with Developing Implications) तक बढ़ाया।
कंपनी ने शेयरधारकों को भी खूब इनाम दिया। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए ₹34 प्रति शेयर का डिविडेंड (Dividend) घोषित किया गया, जिससे टोटल शेयरहोल्डर रिटर्न (TSR) 48.6% दर्ज किया गया।
मार्केट का रिएक्शन और आगे की राह
इन शानदार नतीजों और डी-मर्जर की खबर से मार्केट में Vedanta के शेयरों में जोरदार उछाल आया और इंट्राडे में शेयर 5% से ज्यादा चढ़ गया। हालांकि, मेटल्स और माइनिंग सेक्टर काफी साइक्लिकल होता है और Hindalco Industries व Nalco जैसी कंपनियां भी इसी दौर से गुजर रही हैं।
डी-मर्जर से वैल्यू अनलॉक होने की उम्मीद है, लेकिन इसके कुछ चैलेंज भी हैं। एनालिस्ट्स का मानना है कि ऑपरेशंस को अलग-अलग करने से बारगेनिंग पावर कम हो सकती है और कॉरपोरेट ओवरहेड्स बढ़ सकते हैं। वैश्विक स्तर पर कमोडिटी मार्केट में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक स्थितियां Vedanta के लिए अहम रहेंगी। कंपनी का ₹14,918 करोड़ का कैपेक्स भविष्य के प्रति आत्मविश्वास दिखाता है, लेकिन नए एंटिटीज़ के लिए कर्ज और री-इन्वेस्टमेंट का बैलेंस महत्वपूर्ण होगा।
निवेशकों की नजर अब डी-मर्जर के एग्जीक्यूशन और अलग-अलग बिजनेस यूनिट्स की वित्तीय सेहत पर रहेगी, खासकर कमोडिटी मार्केट के बदलते समीकरणों के बीच।
