एल्युमीनियम और जिंक का कमाल
Vedanta Ltd. के इस दमदार प्रदर्शन के पीछे मुख्य वजह कंपनी के एल्युमीनियम (Aluminum) और जिंक (Zinc) सेगमेंट में दिखी जबरदस्त ग्रोथ रही। खासकर, जिंक इंडिया (Zinc India) डिवीज़न का रेवेन्यू तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) 19.45% उछला। इस डिवीज़न के लिए चांदी (Silver) की बिक्री से 50% से ज़्यादा की तेजी एक बड़ा बूस्टर साबित हुई, जिसके चलते इसका EBITDA 27% से अधिक बढ़ गया।
वहीं, एल्युमीनियम बिज़नेस में भी अच्छी तेजी देखी गई। एल्युमीनियम की बढ़ी हुई कीमतों और सेगमेंट रेवेन्यू में 11.18% की वृद्धि के चलते इस डिवीज़न का EBITDA भी तिमाही-दर-तिमाही 20% से ज़्यादा बढ़ गया।
लागत का असर और मार्जिन में सुधार
हालांकि, कंपनी के जिंक इंटरनेशनल (Zinc International) डिवीज़न के रेवेन्यू में 10% (QoQ) की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन इन सबके बावजूद, वेदांता का कन्सॉलिडेटेड रेवेन्यू ₹51,524 करोड़ रहा।
परिचालन दक्षता (Operational efficiencies) का असर कंपनी के नेट प्रॉफिट पर दिखा, जो 20% बढ़कर ₹9,353 करोड़ रहा और बाजार के अनुमानों को पार कर गया। साथ ही, कन्सॉलिडेटेड EBITDA 22% बढ़कर ₹18,447 करोड़ पर पहुंच गया, जो कि अनुमानित ₹18,100 करोड़ से ज़्यादा था। कंपनी का EBITDA मार्जिन भी सुधरकर 35.8% हो गया, जो पिछले अवधियों के 33% से बेहतर है और अनुमानित 34% से ज़्यादा है।
