Vedanta Limited ने अपने दक्षिण अफ्रीका स्थित Gamsberg जिंक प्रोजेक्ट के दूसरे फेज की शुरुआत कर दी है। कंपनी ने इस बड़े विस्तार के लिए **₹5,757 करोड़** का भारी निवेश किया है, जिससे अब सालाना ओर-प्रोसेसिंग क्षमता दोगुनी होकर **8 मिलियन टन** पहुंच गई है।
क्षमता में बड़ा इजाफा
इस नए निवेश के साथ ही कंपनी का लक्ष्य अपनी सालाना जिंक-इन-कॉन्संट्रेट उत्पादन क्षमता को 5 लाख टन तक ले जाना है। Gamsberg अब Vedanta Zinc International के पोर्टफोलियो का सबसे अहम हिस्सा बन गया है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि यह कैपिटल-इंटेंसिव विस्तार कंपनी के कैश फ्लो और बैलेंस शीट पर कैसा असर डालता है।
आगे की रणनीति और चुनौतियां
मैनेजमेंट अब केवल कच्चे माल (raw concentrate) के निर्यात तक सीमित नहीं रहना चाहता। भविष्य में कंपनी स्थानीय स्तर पर ही जिंक-स्मेल्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर विचार कर रही है। इससे कंपनी की ऑपरेशनल इंटीग्रिटी बढ़ेगी और वैल्यू-एडेड प्रोसेसिंग के जरिए मार्जिन में सुधार की उम्मीद है।
हालांकि, दक्षिण अफ्रीका में माइनिंग ऑपरेशंस चलाने के अपने रिस्क हैं। वहां के रेगुलेटरी नियम और स्थानीय आर्थिक माहौल के बीच कंपनी को अपनी सोशल जिम्मेदारियों और ऑपरेशनल टारगेट्स में तालमेल बिठाना होगा। यह प्रोजेक्ट 2011 में Anglo American से अधिग्रहित की गई संपत्तियों का हिस्सा है, जिसे कंपनी अब Northern Cape में अपने जिंक हब के तौर पर मजबूती से स्थापित कर रही है। अब बाजार इस बात पर नजर रखेगा कि कंपनी किस तरह से ग्लोबल डेट प्रोफाइल को मैनेज करते हुए इस बड़े निवेश पर रिटर्न हासिल करती है।
