वैल्यू अनलॉक करने की तैयारी
Vedanta का यह स्ट्रक्चरल बदलाव (Structural Separation) अपने विविध ऑपरेशन्स को अलग-अलग कंपनियों में बांटकर हर बिजनेस की असली वैल्यू को सामने लाने के लिए किया गया है। अक्सर बड़े और विविध कंपनियों पर डिस्काउंट (Discount) लगता है, जिसे यह कदम दूर करने का इरादा रखता है। इस स्ट्रैटेजिक मूव से हर बिजनेस सेगमेंट को उसके व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर वैल्यू मिलेगी, जिसने निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ाई है और शेयर को 52-हफ्ते के हाई (52-week high) के करीब पहुंचा दिया है।
डी-मर्जर का दिन: प्राइस डिस्कवरी और शेयर अलॉटमेंट
30 अप्रैल Vedanta के डी-मर्जर एक्स-डेट (ex-date) के रूप में चिह्नित है। इस दिन सुबह 9:15 AM से 9:45 AM IST तक एक स्पेशल ट्रेडिंग सेशन चलेगा, जिसमें मुख्य Vedanta एंटिटी की नई कीमत तय की जाएगी। 29 अप्रैल को NSE पर शेयर की क्लोजिंग प्राइस ₹775 थी, जो सभी पांच सेगमेंट की कुल वैल्यू को दर्शाती है। जिन शेयरधारकों के पास 29 अप्रैल तक शेयर होंगे, उन्हें अपने मौजूदा Vedanta शेयरों के अलावा, नई चार कंपनियों—Vedanta Aluminium, Vedanta Oil & Gas, Vedanta Power, और Vedanta Iron & Steel—में से प्रत्येक में एक-एक शेयर मिलेगा। मूल पैरेंट कंपनी के पास बेस मेटल्स बिजनेस और Hindustan Zinc में अपनी हिस्सेदारी बनी रहेगी। 30 अप्रैल को Vedanta के शेयर प्राइस में तकनीकी गिरावट (₹300-₹325 तक की भविष्यवाणी) की उम्मीद है, जो वैल्यू का नई एंटिटीज में ट्रांसफर होने के कारण है, न कि वैल्यू के नुकसान के कारण।
वैल्यूएशन, मार्केट परफॉर्मेंस और एनालिस्ट टारगेट
Vedanta का मार्केट वैल्यूएशन करीब ₹3.02 ट्रिलियन है। अप्रैल 2024 तक इसका प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो लगभग 15.4x से 23.7x के बीच रहा। यह वैल्यूएशन Hindalco Industries (लगभग 14-15x P/E) से थोड़ा ऊपर और माइनिंग व मिनरल प्रोडक्ट सेक्टर के औसत P/E 9.9x से काफी ज्यादा है। पिछले साल शेयर में लगभग 85% का उछाल देखा गया, जो मार्केट इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन है। यह परफॉरमेंस भारत के मेटल्स और माइनिंग सेक्टर के मजबूत आउटलुक, घरेलू डिमांड और इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ से प्रेरित है। SBI Securities का अनुमान है कि Vedanta के सभी बिजनेसेज की संयुक्त वैल्यू (sum-of-the-parts) ₹880–₹900 के बीच होगी, जो मौजूदा कीमतों से करीब 19% अपसाइड का संकेत देती है। वहीं, ICICI Direct ने संयुक्त एंटिटी का वैल्यूएशन ₹820 प्रति शेयर लगाया है।
कर्ज का बंटवारा और अन्य अहम रिस्क
ऑप्टिमिस्टिक वैल्यूएशन और हालिया स्टॉक परफॉरमेंस के बावजूद, Vedanta पर करीब ₹81,000 करोड़ का ग्रॉस डेट (Gross Debt) और ₹60,600 करोड़ का नेट डेट (Net Debt) है। सबसे बड़ी चिंता इस कर्ज को पांच नई कंपनियों में कैसे बांटा जाएगा, इसे लेकर है। माना जा रहा है कि एल्युमिनियम बिजनेस पर कर्ज का एक बड़ा हिस्सा आ सकता है। इसी कर्ज की चिंता के चलते यह अनुमान लगाया जा रहा है कि डी-मर्जर के बाद Vedanta का शेयर प्राइस ₹300-₹325 तक गिर सकता है। पांच अलग-अलग कंपनियों का प्रबंधन और कमोडिटी प्राइस में उतार-चढ़ाव भी चुनौतियां पेश कर सकते हैं। हालांकि ज्यादातर एनालिस्ट स्टॉक को पॉजिटिव रेटिंग दे रहे हैं, ICICI Direct ने 'होल्ड' रेटिंग दी है, जो संभावित चुनौतियों के प्रति सावधानी बरतने का संकेत है।
लिस्टिंग की समय-सीमा, ग्रोथ का अनुमान और फाइनेंशियल परफॉरमेंस
नई कंपनियां रिकॉर्ड डेट (Record Date) के 4 से 8 हफ्तों के अंदर स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट होने की उम्मीद है, जो रेगुलेटरी अप्रूवल (Regulatory Approvals) पर निर्भर करेगा। SBI Securities का ₹880-₹900 का sum-of-the-parts वैल्यूएशन लंबी अवधि में महत्वपूर्ण ग्रोथ की उम्मीद जगाता है। ICICI Direct ने FY25–27 के लिए संयुक्त बिजनेसेज के रेवेन्यू ग्रोथ (Revenue Growth) में 18.3% और EBITDA ग्रोथ (EBITDA Growth) में 35.5% का अनुमान लगाया है। कंपनी ने FY26 के लिए मजबूत फाइनेंशियल रिजल्ट्स पेश किए थे, जिसमें ₹1,74,075 करोड़ का रिकॉर्ड एनुअल रेवेन्यू और ₹55,976 करोड़ का EBITDA शामिल है। नेट डेट-टू-EBITDA रेशियो 0.95x था, जो 14 तिमाहियों में सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा। यह फाइनेंशियल स्ट्रेंथ, डी-मर्जर के फोकस और क्लियर वैल्यूएशन के लक्ष्यों के साथ, Vedanta के अलग-अलग बिजनेसेज को नए ऑपरेशनल और फाइनेंशियल रास्तों पर आगे बढ़ाएगी।
