Vedanta Ltd की प्रमुख यूनिट Vedanta Aluminium ने शानदार तिमाही नतीजे पेश किए हैं। रिकॉर्ड प्रोडक्शन और बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी की बदौलत कंपनी का नेट प्रॉफिट **₹5,167 करोड़** तक पहुंच गया है, जो पिछले साल के मुकाबले दोगुना से भी ज्यादा है।
Vedanta Aluminium ने इस तिमाही में जबरदस्त रफ्तार दिखाई है। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹2,373 करोड़ से बढ़कर ₹5,167 करोड़ हो गया है। साथ ही, कंपनी का रेवेन्यू 41% उछलकर ₹22,066 करोड़ पर और कोर ऑपरेटिंग प्रॉफिट (EBITDA) 83% की बढ़त के साथ ₹10,192 करोड़ पर पहुंच गया है।
रिकॉर्ड प्रोडक्शन का दम
कंपनी ने अपनी अब तक की सबसे ज्यादा 6.49 लाख टन एल्युमीनियम की तिमाही प्रोडक्शन दर्ज की है, जो सालाना आधार पर 5% ज्यादा है। वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स में 31% की शानदार बढ़ोतरी देखी गई है, जो 4.32 लाख टन रही। कंपनी का लक्ष्य पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए 26 लाख टन का प्रोडक्शन हासिल करना है।
कॉस्ट कटिंग की नई रणनीति
कंपनी अब अपनी लागत को कम करने के लिए 'बैकवर्ड इंटीग्रेशन' पर जोर दे रही है। अभी कंपनी अपनी 60% बॉक्साइट जरूरतें आयात करती है, जिसे घटाकर 75-80% तक घरेलू स्रोतों से पूरा करने का लक्ष्य है। CEO राजेश कुमार के मुताबिक, घरेलू बॉक्साइट का इस्तेमाल करने से प्रति टन $15 से $20 की बचत हो रही है। इसके अलावा, कंपनी कुरालोई और घोगरपल्ली कोयला खदानों से उत्पादन शुरू करने की तैयारी में है, ताकि एनर्जी कॉस्ट को कंट्रोल किया जा सके।
निवेशकों के लिए जरूरी बातें
निवेशकों को अब सिजीमाली बॉक्साइट ब्लॉक और कोयला खदानों के समय पर शुरू होने पर नजर रखनी होगी। साथ ही, ग्लोबल मार्केट में एल्युमीनियम की कीमतों और London Metal Exchange (LME) में उतार-चढ़ाव कंपनी के मार्जिन को प्रभावित कर सकते हैं।
