टैरिफ में भारी कटौती, निर्यातकों को मिली बड़ी राहत
अमेरिका की ओर से भारतीय झींगा पर लगाए गए इंपोर्ट टैरिफ में बड़ी राहत मिली है। अमेरिका ने झींगा के आयात शुल्क को 50% से घटाकर 18% कर दिया है। यह कदम भारतीय समुद्री खाद्य निर्यातकों के लिए एक अहम मोड़ साबित हो सकता है, क्योंकि वे पहले से ही मार्जिन पर दबाव और वॉल्यूम में गिरावट झेल रहे थे।
बाजार में लौटी रौनक, कंपनियां हुईं कॉम्पिटिटिव
इस टैरिफ कटौती से भारतीय झींगा निर्यातकों की खोई हुई कॉम्पिटिटिवनेस और मार्केट शेयर वापस मिलने की उम्मीद है। इससे पहले, भारी टैरिफ के चलते निर्यातकों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अकेले आंध्र प्रदेश में निर्यातकों को लगभग ₹25,000 करोड़ का नुकसान हुआ और कई ऑर्डर्स रद्द हो गए थे।
बाजार में इस खबर के बाद शुरुआती प्रतिक्रिया मिली-जुली रही। सोमवार को Avanti Feeds के शेयर 2.35% चढ़ गए, जबकि Apex Frozen Foods में 0.42% की मामूली गिरावट आई। Waterbase और Coastal Corporation के शेयर भी लाल निशान में बंद हुए। हालांकि, मंगलवार के कारोबार में इस फैसले का असर और स्पष्ट देखने को मिलेगा। 2 फरवरी 2026 तक, Avanti Feeds के शेयर लगभग ₹797-₹800 के स्तर पर थे, Apex Frozen Foods ₹294 के आसपास, और Coastal Corporation करीब ₹45.8 पर कारोबार कर रहा था। दूसरी ओर, IFB Agro Industries में भारी बिकवाली के कारण शेयर अपने लोअर सर्किट ₹1,177.7 पर पहुंच गया।
भारत के लिए अमेरिका क्यों है अहम बाजार?
अमेरिका भारतीय झींगा निर्यात के लिए सबसे महत्वपूर्ण बाजार है। फाइनेंशियल ईयर 2025 में, अमेरिका ने भारत के एक्सपोर्ट वॉल्यूम का 41% और वैल्यू का 48% हिस्सा हासिल किया। इस दौरान, भारत से सालाना लगभग 250,000 मीट्रिक टन झींगा का निर्यात हुआ, जिसकी अनुमानित वैल्यू $2.5 बिलियन थी।
नई 18% की टैरिफ दर भारत को इक्वाडोर (15%), वियतनाम (20%), थाईलैंड (19%) और इंडोनेशिया (19%) जैसे प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले अधिक प्रतिस्पर्धी बनाती है।
कंपनियों का एनालिसिस और भविष्य की राह
- Avanti Feeds: लगभग ₹10,900 करोड़ मार्केट कैप वाली यह कंपनी झींगा फीड और प्रोसेसिंग में लीडर है। इसका P/E रेशियो लगभग 16.3-17.6 और ROE करीब 19.5%-22.5% है। पिछले पांच सालों में बिक्री में धीमी ग्रोथ के बावजूद, कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत है।
- Apex Frozen Foods: करीब ₹925 करोड़ मार्केट कैप वाली इस कंपनी का P/E रेशियो 40.7-44.1 है, जबकि ROE केवल 0.76%-4.46% है। कंपनी की सेल्स ग्रोथ कमजोर रही है और यह अन्य आय पर निर्भर करती है।
- Coastal Corporation: ₹308 करोड़ की वैल्यू वाली कंपनी का P/E रेशियो करीब 29.7 है, लेकिन ROE 1.71%-3.81% के बीच है और सेल्स ग्रोथ भी पुअर रही है।
- IFB Agro Industries: इस कंपनी के वित्तीय आंकड़े मिले-जुले हैं। फाइनेंशियल ईयर 24 में नेट प्रॉफिट बढ़ा था, लेकिन तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में नेट प्रॉफिट 68% घट गया।
अन्य सकारात्मक संकेत और भविष्य की उम्मीद
बजट 2026 में मत्स्य पालन विकास (Fisheries Development) के लिए की गई पहलों से एक्वाकल्चर स्टॉक्स को कुछ सपोर्ट मिला है। इसके अलावा, 27 जनवरी 2026 को EU-India फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) का फाइनल होना भी एक बड़ा बूस्ट है। इस समझौते के तहत, EU से भारत को निर्यात होने वाले 96.6% सामानों पर टैरिफ खत्म या कम किया जाएगा, और भारत से EU को निर्यात होने वाले 99.5% सामानों पर भी यही लागू होगा।
कुल मिलाकर, अमेरिका में टैरिफ में कमी और EU के साथ बेहतर व्यापारिक संबंध भारतीय झींगा निर्यात क्षेत्र के लिए नए अवसर खोल सकते हैं, जिससे कंपनियों को अपनी कमाई बढ़ाने और बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद मिलेगी।