त्योहारी सीजन में महंगाई पर लगाम लगाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने चीनी की कीमतों पर सख्त कैप लगा दिया है। अब मिलों को हर दिन अपनी बिक्री की जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर देनी होगी, वरना मिल मालिकों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
त्योहारी सीजन के दौरान बढ़ती महंगाई को थामने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए चीनी की एक्स-मिल कीमतों को ₹5,000 प्रति क्विंटल पर सीमित कर दिया है। अगस्त 2026 में चीनी की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया था, जहाँ कुछ क्षेत्रों में दाम ₹5,400 से ₹5,800 प्रति क्विंटल तक पहुंच गए थे।
नियम और शर्तें
सरकार ने इसे प्रभावी बनाने के लिए सभी मिलों को निर्देश दिया है कि वे रोज दोपहर 1:00 बजे तक 'caneup.in' पोर्टल पर अपनी डेली सेल्स की जानकारी अपलोड करें। यदि कोई मिल तय कीमत से ज्यादा दाम वसूलती है या जमाखोरी करती पाई जाती है, तो उस पर Essential Commodities Act, 1955 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।
केंद्र सरकार का भी सख्त रुख
यह कदम केंद्र सरकार की नीतियों के साथ तालमेल बिठाने के लिए उठाया गया है। केंद्र ने भी डीलरों के लिए स्टॉक होल्डिंग लिमिट को 4,000 क्विंटल से घटाकर 2,000 क्विंटल कर दिया है, जो 15 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेगी।
निवेशकों पर क्या होगा असर?
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, इन नियमों से शुगर कंपनियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पहला, प्राइस कैप के कारण प्रति क्विंटल रेवेन्यू पर दबाव रहेगा और दूसरा, रोजाना रिपोर्टिंग का प्रशासनिक बोझ बढ़ जाएगा। कंपनियों के लिए प्रोडक्शन कॉस्ट को ग्राहकों पर डालना मुश्किल होगा, जिससे आने वाली तिमाहियों में ऑपरेटिंग मार्जिन पर असर पड़ सकता है।
