Crude Oil Price: कच्चे तेल की आग से सहमे बाजार, UBS ने दी चेतावनी!

COMMODITIES
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
Crude Oil Price: कच्चे तेल की आग से सहमे बाजार, UBS ने दी चेतावनी!

UBS के स्ट्रैटेजिस्ट भानु बावेजा ने चेताया है कि ग्लोबल मार्केट कच्चे तेल की सप्लाई में आ रही दिक्कतों को हल्के में ले रहा है। ब्रेंट क्रूड का **$100** के पार रहना भारतीय अर्थव्यवस्था, महंगाई और कॉर्पोरेट प्रॉफिट मार्जिन के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।

UBS इन्वेस्टमेंट बैंक के चीफ ग्लोबल स्ट्रैटेजिस्ट भानु बावेजा ने साफ कहा है कि ग्लोबल मार्केट कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर जरूरत से ज्यादा निश्चिंत दिख रहा है। हालांकि इक्विटी मार्केट अब तक शांत नजर आ रहे हैं, लेकिन जियोपॉलिटिकल तनाव ने ब्रेंट क्रूड को $100 प्रति बैरल के ऊपर टिका दिया है, जो यह बताता है कि संकट अस्थायी नहीं है।

सप्लाई चेन का बिगड़ता गणित

सबसे बड़ा डर क्रूड ऑयल के मुख्य रास्तों के बंद होने का है। ऊर्जा का प्रमुख केंद्र 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में भारी गिरावट आई है। इसके अलावा, सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर ड्रोन हमलों की वजह से हर दिन करीब 4 से 5 मिलियन बैरल क्रूड सप्लाई बाजार से कम हुई है। जानकारों का मानना है कि हालात 2027 तक सामान्य नहीं हो पाएंगे।

चीन की वापसी और डिमांड का दबाव

साल की शुरुआत में चीन की कमजोर डिमांड ने ग्लोबल ऑयल इन्वेंट्री को बचाए रखा था, जिससे कीमतों में बड़ा उछाल नहीं आया था। लेकिन अब तस्वीर बदल चुकी है। चीन की बाजार में वापसी और कंपनियों द्वारा स्टॉक बढ़ाने के फैसले से मांग तेजी से बढ़ रही है। सप्लाई सीमित है और मांग बढ़ती जा रही है, जो कीमतों पर भारी दबाव बना रही है।

भारतीय कंपनियों और निवेशकों पर क्या असर?

भारत एक बड़ा एनर्जी आयातक देश है, इसलिए क्रूड का महंगा होना सीधा महंगाई (Inflation) को बढ़ाता है। इसका असर लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्टेशन और फर्टिलाइजर सेक्टर पर पड़ेगा।

खासकर पेंट, टायर और एविएशन जैसी कंपनियां, जो कच्चे तेल के डेरिवेटिव्स पर निर्भर हैं, उनके मार्जिन पर बुरा असर पड़ सकता है। अगर ये कंपनियां बढ़ती लागत को ग्राहकों पर नहीं डाल पाईं, तो मुनाफे में बड़ी गिरावट दिखेगी। साथ ही, ऑयल इंपोर्ट बिल बढ़ने से भारतीय रुपये पर भी दबाव बढ़ेगा, जिससे मैक्रोइकोनॉमिक चुनौतियां और गंभीर हो सकती हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.