ईद की खरीदारी के लिए सोने के दाम गिरे
दुबई के सर्राफा बाजारों में ईद से पहले हमेशा की तरह भीड़ देखने को मिल रही है, लेकिन इस बार सोने की कीमतों में आई बड़ी गिरावट ने इस रौनक को और बढ़ा दिया है। 24 कैरेट सोने की कीमत मार्च की शुरुआत में Dh640 प्रति ग्राम से ऊपर जाने के बाद अब लगभग Dh554 प्रति ग्राम पर आ गई है। यह गिरावट Dh80 से भी अधिक की है, जो उन खरीदारों के लिए एक बड़ा मौका लेकर आई है जो पहले बढ़ी कीमतों के कारण खरीदारी टाल रहे थे। ज्वैलर्स का कहना है कि फुटफॉल बढ़ा है, खासकर हल्की ज्वैलरी की बिक्री में तेजी आई है, क्योंकि कीमत के प्रति संवेदनशील खरीदार इस गिरावट को 'अभी खरीदने' का एक अहम मौका मान रहे हैं।
भू-राजनीतिक तनाव और बाजार के कारक
आम तौर पर, भू-राजनीतिक अस्थिरता सोने की कीमतों को बढ़ाती है, लेकिन मौजूदा स्थिति थोड़ी अलग है। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव, जिसमें ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमले शामिल हैं, इसके बावजूद सोने की कीमतों में नरमी देखी गई है। रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद सोने की कीमतों में तेजी से गिरावट आई है। विश्लेषकों का मानना है कि मजबूत अमेरिकी डॉलर और लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों की उम्मीदें, इन सब वजहों से सोने की सेफ-हेवन (सुरक्षित निवेश) अपील पर असर पड़ रहा है। ऐसे में, यह गिरावट तेज खरीदारों के लिए एक सामरिक खरीदारी का अवसर बन गई है।
ग्लोबल गोल्ड हब के तौर पर दुबई की भूमिका
एक प्रमुख ग्लोबल गोल्ड ट्रेडिंग हब के तौर पर, दुबई की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बुलियन रेट्स, करेंसी में उतार-चढ़ाव और सप्लाई चेन से जुड़ी होती हैं। हालांकि स्थानीय कीमतें मार्च की शुरुआत से Dh50 से अधिक गिरी हैं, लेकिन मार्च के मध्य के आसपास वैश्विक स्पॉट गोल्ड में $4,573 और $5,423 प्रति औंस के बीच बड़े इंट्राडे उतार-चढ़ाव देखे गए। महंगाई की चिंताओं और केंद्रीय बैंकों की नीतियों से प्रेरित यह वैश्विक अस्थिरता सीधे स्थानीय खुदरा कीमतों को प्रभावित करती है। खरीदारों को सलाह दी जाती है कि वे दरों की तुलना करें और मेकिंग चार्जेज पर ध्यान दें, ताकि बाजार के सही समय और अपनी जरूरतों का संतुलन बना सकें।
विश्लेषकों का नजरिया: लंबी अवधि में तेजी की उम्मीद
मौजूदा कीमतों में गिरावट और अल्पकालिक अस्थिरता के बावजूद, 2026 के लिए सोने की कीमतों पर विश्लेषकों का नजरिया अभी भी सकारात्मक है। J.P. Morgan और UBS जैसी प्रमुख संस्थाएं केंद्रीय बैंकों की खरीदारी, महंगाई से बचाव और अमेरिकी डॉलर से डाइवर्सिफिकेशन जैसे कारणों से 2026 के अंत तक सोने की कीमतें $5,000 से $6,200 प्रति औंस तक पहुंचने का अनुमान लगा रही हैं। हालांकि, Bloomberg के Mike McGlone ने ओवरवैल्यूएशन (अति-मूल्यांकन) की चेतावनी दी है, जो $4,000 प्रति औंस तक की गिरावट का संकेत दे सकता है। यह दिखाता है कि मौजूदा बाजार कितना अप्रत्याशित है।
ओवरवैल्यूएशन की आशंका के बीच सावधानी
ईद के चलते ग्राहकों की भीड़ तो दिख रही है, लेकिन कुछ लोग सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। भू-राजनीतिक जोखिमों के बढ़ने के बावजूद कीमतों में गिरावट इस बात का संकेत है कि बाजार अन्य कारकों को अधिक महत्व दे रहा है, जैसे कि मजबूत अमेरिकी डॉलर और फेडरल रिजर्व की ऊंची ब्याज दरें। ऊंची दरें सोने जैसी नॉन-यील्डिंग एसेट्स (बिना मुनाफे वाली संपत्तियों) की होल्डिंग लागत बढ़ाती हैं, जिससे वे ऊंची ब्याज दर वाले विकल्पों की तुलना में कम आकर्षक हो जाती हैं। 2026 की शुरुआत में सोने की कीमतों में हुई भारी बढ़ोतरी और अब तक के उच्चतम स्तरों पर पहुंचना भी ओवरवैल्यूएशन की चिंताओं को बढ़ाता है। Bloomberg के रणनीतिकार Mike McGlone का कहना है कि 1980 के बाद से गोल्ड का अपने 60-महीने के मूविंग एवरेज पर प्रीमियम सबसे ज्यादा है, जो बड़ी गिरावट का संकेत दे सकता है, संभवतः $4,000 प्रति औंस तक। यह बताता है कि मौजूदा खरीदारी का मौका, उपभोक्ताओं के लिए भले ही अच्छा हो, लेकिन यह एक पीक (उच्चतम स्तर) का संकेत भी हो सकता है, और भविष्य की कीमतें महंगाई और ब्याज दर नीति में बदलाव पर बहुत निर्भर करेंगी।