Tata AMC: गोल्ड और सिल्वर में आई गिरावट, क्या अब खरीदारी का सही मौका है?

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Tata AMC: गोल्ड और सिल्वर में आई गिरावट, क्या अब खरीदारी का सही मौका है?

Tata Asset Management ने कीमती धातुओं पर अपना बुलिश रुख बरकरार रखा है। कंपनी ने निवेशकों के लिए गोल्ड और सिल्वर में **70:30** के एलोकेशन की सलाह दी है।

बाजार की गिरावट बनी अवसर

Tata Asset Management का मानना है कि जनवरी 2026 के हाई से 26% तक की गिरावट के बाद, गोल्ड और सिल्वर अब एक बेहतर एंट्री पॉइंट पेश कर रहे हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि कीमती धातुओं को लेकर उनके लॉन्ग-टर्म फंडामेंटल्स अभी भी मजबूत बने हुए हैं।

क्यों है गोल्ड में दम?

गोल्ड की तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह वैश्विक स्तर पर सेंट्रल बैंक की खरीदारी और अमेरिका का बढ़ता कर्ज है। अमेरिका का नेशनल डेट अब $40 ट्रिलियन के आंकड़े को पार कर चुका है, जिसके चलते कई देश अपने रिजर्व को डॉलर से हटाकर गोल्ड में डायवर्सिफाई कर रहे हैं। इसके अलावा, भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) भी गोल्ड को एक सुरक्षित एसेट के रूप में बनाए हुए है।

क्या है 70:30 का फॉर्मूला?

Tata AMC ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे एकमुश्त पैसा लगाने के बजाय स्टैगर्ड अप्रोच अपनाएं। यानी SIP के जरिए निवेश करना सबसे बेहतर विकल्प है। कंपनी ने पोर्टफोलियो में 70% गोल्ड और 30% सिल्वर रखने का सुझाव दिया है, जिससे उतार-चढ़ाव को मैनेज किया जा सके।

सिल्वर का इंडस्ट्रियल एंगल

सिल्वर केवल निवेश के लिहाज से ही नहीं, बल्कि इंडस्ट्रियल डिमांड के कारण भी आकर्षक है। लगातार छठे साल सिल्वर की सप्लाई में कमी देखी जा रही है। चीन का रिफाइनिंग कैपेसिटी पर नियंत्रण इसे और भी संवेदनशील बनाता है। हालांकि, यह गोल्ड के मुकाबले अधिक वोलेटाइल (Volatile) है।

रिस्क फैक्टर्स पर रखें नजर

निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि 2026 के दौरान मजबूत डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड्स ने कीमती धातुओं पर दबाव बनाया है। अगर फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखता है, तो यह सोने-चांदी के भाव के लिए एक चुनौती बना रहेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.