Tata Steel, JSW Steel की तूफानी तेजी! टैरिफ के फैसले से मेटल शेयरों में उछाल, Nifty Metal इंडेक्स चमका

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Tata Steel, JSW Steel की तूफानी तेजी! टैरिफ के फैसले से मेटल शेयरों में उछाल, Nifty Metal इंडेक्स चमका
Overview

आज यानी 20 मार्च 2026 को शेयर बाजार में मेटल सेक्टर ने राहत की सांस ली। Nifty Metal इंडेक्स **2%** की जोरदार बढ़त के साथ बंद हुआ, जिसकी मुख्य वजह स्टील कंपनियों के शेयरों में आई तूफानी तेजी है। Tata Steel और JSW Steel जैसे बड़े नाम इस रैली में सबसे आगे रहे। यह उछाल मुख्य रूप से वैश्विक टैरिफ (tariffs) और कुछ खास देशों की आयात नीतियों में आए बदलावों के कारण देखा गया।

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टैरिफ से स्टील में आई जान

शुक्रवार, 20 मार्च 2026 को Nifty Metal इंडेक्स में एक मजबूत वापसी देखने को मिली। लगातार दो दिनों की गिरावट के बाद, यह इंडेक्स 2% चढ़कर बंद हुआ। इस उछाल के पीछे की कहानी स्टील शेयरों में हुई जबरदस्त खरीदारी है।

Tata Steel Ltd. ने इस दौड़ में सबसे आगे रहते हुए 4.64% की छलांग लगाई और ₹199.40 के स्तर पर बंद हुआ। इस शेयर में तेजी की मुख्य वजह यूके (UK) द्वारा लगाए गए नए टैरिफ (tariffs) और यूरोपीय यूनियन (EU) की कार्बन प्राइसिंग (carbon pricing) जैसे वैश्विक व्यापार नीतिगत फैसले हैं।

वैश्विक ब्रोकरेज फर्म HSBC ने Tata Steel पर अपना भरोसा कायम रखते हुए 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है। साथ ही, उन्होंने शेयर का टारगेट प्राइस ₹235 से बढ़ाकर ₹250 कर दिया है, जो 31% तक के बड़े अपसाइड (upside) का संकेत दे रहा है।

यह अपग्रेड खास तौर पर यूके द्वारा अपने घरेलू उद्योग को बचाने के लिए लगाए गए 50% के टैरिफ और कोटा (quota) में कटौती जैसे सुरक्षात्मक उपायों के बाद आया है। इसके अलावा, यूरोपीय यूनियन द्वारा आयात (import) होने वाले स्टील पर कार्बन प्राइसिंग लागू करने की योजना का भी अहम असर रहा।

दिसंबर 2025 के आखिर में भारत द्वारा लगाए गए सेफगार्ड ड्यूटी (safeguard duties) के साथ मिलकर, इन सभी कदमों से घरेलू (domestic) कीमतों को स्थिर करने और मार्च 2026 तिमाही के लिए स्टील मिलों के मुनाफे (profit) को बढ़ाने की उम्मीद है। अनुमान है कि स्टील सेक्टर के EBITDA प्रति टन में अच्छी खासी वृद्धि दर्ज की जाएगी।

JSW Steel के शेयर में भी 4.85% की दमदार तेजी देखी गई, जो ₹1186.90 पर बंद हुआ। Macquarie ने JSW Steel को अपना टॉप पिक (top pick) चुना है और Tata Steel पर ₹222 के टारगेट के साथ 'Outperform' रेटिंग को बनाए रखा है।

ओवरकैपेसिटी के बीच एल्युमिनियम पर दबाव

जहां एक ओर स्टील शेयरों में जान फूंकी गई, वहीं दूसरी ओर एल्युमिनियम (aluminum) के शेयर फिसलते नजर आए। नेशनल एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (NALCO) के शेयर 4% तक गिर गए।

यह गिरावट एनालिस्ट्स (analysts) के सेंटीमेंट (sentiment) में आए बदलाव के चलते हुई, जब InCred Equities ने Hindalco Industries और NALCO दोनों को 'reduce' रेटिंग दी। इन डाउनग्रेड्स (downgrades) की वजहें थीं कमजोर ग्रोथ की उम्मीदें और एल्युमिनियम की गिरती कीमतें।

NALCO की विस्तार योजनाओं पर एल्यूमिना (alumina) की कीमतों में नरमी का असर पड़ सकता है, जिससे NALCO और Hindalco दोनों की कमाई घटने का अनुमान है।

NALCO का मार्केट कैपिटलाइजेशन (market capitalization) ₹66,560 करोड़ से ₹69,241 करोड़ के बीच है और इसका P/E रेश्यो (ratio) 11.21 था। वहीं, लार्ज-कैप (large-cap) Tata Steel का ट्रेलिंग ट्वेल्व मंथ (TTM) P/E रेश्यो 25.88 है, जो सेक्टर के 23.28 P/E रेश्यो से थोड़ा ऊपर है। Tata Steel का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब ₹2.37 ट्रिलियन है। JSW Steel का मार्केट में दबदबा कायम है, और इसके रेवेन्यू (revenue) में सालाना 9.6% की वृद्धि का अनुमान लगाया जा रहा है।

ग्लोबल ओवरकैपेसिटी का खतरा बरकरार

हालांकि, हाल के व्यापारिक फैसलों से तत्काल राहत मिली है, लेकिन वैश्विक स्टील उद्योग में मौजूद अंतर्निहित अतिरिक्त उत्पादन क्षमता (underlying overcapacity) के मुद्दे गंभीर जोखिम पैदा करते हैं।

अनुमान है कि 2025 के अंत तक दुनिया भर में स्टील उत्पादन क्षमता लगातार सातवें साल बढ़कर लगभग 2.55 बिलियन मीट्रिक टन तक पहुंच जाएगी। इससे लगभग 680 मिलियन मीट्रिक टन की अतिरिक्त उत्पादन क्षमता (surplus capacity) पैदा होने की संभावना है।

यह ओवरसप्लाई (oversupply) व्यापारिक तनावों को बढ़ाती है और कीमतों को नीचे धकेलती है, जिसके चलते दुनिया भर में एंटी-डंपिंग (anti-dumping) और सेफगार्ड उपायों में और बढ़ोतरी हो सकती है।

यूरोपीय यूनियन का कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM) भारतीय स्टील उत्पादकों के लिए यूरोपीय संघ में निर्यात (export) करने की लागतों को बढ़ा देगा।

एनालिस्ट्स का मिला-जुला नज़रिया

HSBC भले ही Tata Steel को लेकर उत्साहित (bullish) हो, लेकिन बाकी एनालिस्ट्स का नजरिया मिला-जुला है, हालांकि इसमें सावधानी भरी आशावादिता दिख रही है।

Macquarie ने Tata Steel के लिए ₹222 का टारगेट रखा है और 'Outperform' रेटिंग दी है, जबकि JSW Steel को ₹1,319 के टारगेट के साथ अपना टॉप पिक (top pick) घोषित किया है।

JM Financial की नजर में Tata Steel और Jindal Steel टॉप पिक्स में शामिल हैं, जो डोमेस्टिक कीमतों में स्थिरता (domestic price support) से EBITDA में बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे हैं।

हालांकि, अन्य आउटलुक (outlook) में एकरूपता कम है। Motilal Oswal ने Tata Steel के लिए ₹240 का प्राइस टारगेट तय किया है, जो मजबूत भारतीय मांग को दर्शाता है, लेकिन EU CBAM और कड़ी प्रतिस्पर्धा जैसे जोखिमों की ओर भी इशारा करता है। इस शेयर का P/E रेश्यो 27x से 38x के बीच बना हुआ है।

वर्ल्ड स्टील एसोसिएशन (World Steel Association) 2026 में वैश्विक स्टील मांग में 1.3% की मामूली वृद्धि का अनुमान लगाता है, जिसे इंफ्रास्ट्रक्चर (infrastructure) निवेश और भारत की अनुमानित 9% सालाना ग्रोथ से बल मिलेगा। फिर भी, उच्च उत्पादन लागत और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं (geopolitical uncertainties) से जुड़े जोखिम बने हुए हैं।

JSW Steel के लिए एनालिस्ट्स की आम सहमति (consensus) ₹1,255.00 के प्राइस टारगेट की ओर इशारा कर रही है, जो 3.35% के संभावित अपसाइड का संकेत देता है। कुछ रिपोर्ट्स में मूविंग एवरेज (moving averages) से सेल सिग्नल (sell signals) मिलने का भी उल्लेख है।

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