शानदार रिटर्न की तैयारी
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) 2018-19 सीरीज I, 4 मई 2018 को शुरू हुई अपनी आठ साल की निवेश अवधि पूरी करके 4 मई 2026 को अंतिम रूप से रिडीम (Redeem) होगा। जिन निवेशकों ने इसे इश्यू प्राइस ₹3,114 प्रति ग्राम (या ऑनलाइन सब्सक्राइबर्स के लिए ₹3,064 डिस्काउंट के साथ) पर खरीदा था, उन्हें अब लगभग 386% का एब्सोल्यूट गेन मिलने की उम्मीद है। यह अनुमान सरकार द्वारा तय किए गए ₹14,901 प्रति यूनिट के रिडेम्पशन प्राइस पर आधारित है।
ब्याज और टैक्स के फायदे
सोने की कीमत में बढ़त के साथ-साथ, बॉन्डधारकों को सालाना 2.5% का फिक्स्ड इंटरेस्ट (Interest) भी मिलता रहा है। यह ब्याज इनिशियल इन्वेस्टमेंट पर साल में दो बार भुगतान किया गया, जिससे पूरी अवधि में लगभग 20% का क्यूमुलेटिव रिटर्न (Cumulative Return) जुड़ गया। सबसे खास बात यह है कि यह ब्याज पूरी तरह से टैक्स-फ्री (Tax-Free) था, जिसने कुल रिटर्न को और बढ़ाया। SGBs फिजिकल गोल्ड रखने की झंझट के बिना गोल्ड में निवेश करने का एक आसान तरीका प्रदान करते हैं।
मेच्योरिटी पर नए टैक्स नियम
1 अप्रैल से लागू होने वाले नए टैक्स नियमों (New Tax Rules) के चलते SGB निवेशकों के ट्रीटमेंट में बदलाव आ रहा है। मेच्योरिटी पर कैपिटल गेन्स पर टैक्स छूट (Tax Exemption) का लाभ अब केवल उन्हीं निवेशकों को मिलेगा जिन्होंने सीधे प्राइमरी इश्यू के दौरान सब्सक्राइब किया था और बॉन्ड को पूरे आठ साल तक होल्ड किया था। जो निवेशक सेकेंडरी मार्केट (Secondary Market) से SGBs खरीदते थे, भले ही उन्होंने उन्हें मेच्योरिटी तक कितने भी समय तक होल्ड किया हो, उन्हें मेच्योरिटी पर टैक्स-फ्री रिडेम्पशन का लाभ नहीं मिलेगा। यह अंतर भविष्य के निवेश विकल्पों और इन बॉन्ड्स के सेकेंडरी मार्केट में ट्रेडिंग को प्रभावित कर सकता है।
