Sovereign Gold Bond 2020-21 Series IV के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है! अब आप अपने बॉन्ड को ₹14,307 प्रति ग्राम की दर से भुना सकते हैं। यह राशि मूल इश्यू प्राइस ₹4,852 प्रति ग्राम से काफी ज्यादा है, जो पिछले पांच सालों में सोने की कीमतों में आई तेजी को दर्शाता है।
पांच साल में ऐसे डबल हुआ पैसा!
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने Sovereign Gold Bond 2020-21 Series IV के लिए ₹14,307 प्रति यूनिट का रिडेम्पशन प्राइस तय किया है। यह दाम 13 जुलाई 2026 से ठीक पहले के तीन कारोबारी दिनों के दौरान 999 शुद्धता वाले सोने की क्लोजिंग प्राइस के औसत के आधार पर तय किया गया है। जिन निवेशकों ने जुलाई 2020 में इस सीरीज के बॉन्ड खरीदे थे, उनके लिए पांच साल का लॉक-इन पीरियड पूरा हो गया है, जिससे अब वे बॉन्ड को भुना सकते हैं।
शुरुआती इश्यू में, बॉन्ड का दाम ₹4,852 प्रति ग्राम था, और ऑनलाइन अप्लाई करने वालों को ₹50 प्रति ग्राम की अतिरिक्त छूट भी मिली थी। इन पांच सालों में, बॉन्ड की वैल्यू करीब 198% बढ़ गई है। इसके अलावा, निवेशकों को 2.5% सालाना का फिक्स्ड इंटरेस्ट भी मिला है, जिसका भुगतान हर छह महीने में किया गया है।
जल्दी भुनाने पर टैक्स का गणित
हालांकि रिटर्न काफी आकर्षक लग रहा है, लेकिन जल्दी भुनाने (premature redemption) पर टैक्स नियमों को समझना जरूरी है। अगर आप बॉन्ड को पूरे आठ साल की मैच्योरिटी तक रखते हैं, तो होने वाले कैपिटल गेन पर कोई टैक्स नहीं लगता। लेकिन, समय से पहले भुनाने या सेकेंडरी मार्केट में बेचने पर यह टैक्स छूट नहीं मिलती। ऐसे में, जल्दी भुनाने पर हुए मुनाफे पर आपके टैक्स स्लैब के हिसाब से कैपिटल गेन टैक्स लगेगा। इसलिए, एग्जिट करने से पहले अपने टैक्स की देनदारी का आकलन जरूर कर लें।
निवेशकों के लिए अगले कदम
जो निवेशक अपने बॉन्ड भुनाना चाहते हैं, उन्हें अपने बैंक, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, पोस्ट ऑफिस या NSE/BSE जैसे स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से संपर्क करना होगा। यह रिडेम्पशन एक इंटरेस्ट पेमेंट डेट पर हो रहा है, इसलिए पांच साल की एग्जिट रूल के तहत योग्य निवेशकों के लिए प्रक्रिया आसान होगी। जो निवेशक निवेश जारी रखना चाहते हैं, वे बॉन्ड को आठ साल की मैच्योरिटी तक रख सकते हैं, जिस पर कैपिटल गेन टैक्स से पूरी छूट मिलेगी।
