RBI ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) 2019-20 सीरीज-II के प्रीमैच्योर रिडेम्पशन (Premature Redemption) का भाव **₹14,199** प्रति ग्राम तय किया है। जिन निवेशकों ने करीब **₹3,400** प्रति ग्राम के भाव पर सब्सक्रिप्शन लिया था, उन्हें अब तगड़ा रिटर्न मिलने वाला है।
मोटी कमाई का मौका
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) 2019-20 सीरीज-II के प्रीमैच्योर रिडेम्पशन की कीमत का ऐलान कर दिया है। यह कीमत ₹14,199 प्रति ग्राम तय की गई है। यह भाव इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा बताए गए 999 शुद्धता वाले सोने की औसत क्लोजिंग रेट पर आधारित है, जो रिडेम्पशन की तारीख से तीन कामकाजी दिनों का औसत है।
7 साल में 300% से ज्यादा का रिटर्न
जब यह सीरीज लॉन्च हुई थी, तब ऑनलाइन अप्लाई करने वाले निवेशकों को ₹50 की छूट मिली थी और उन्होंने ₹3,393 प्रति ग्राम के भाव पर बॉन्ड खरीदे थे। वहीं, ऑफलाइन निवेशकों के लिए इश्यू प्राइस ₹3,443 प्रति ग्राम था। अब ₹14,199 के रिडेम्पशन प्राइस के हिसाब से, ऑनलाइन निवेशकों का पैसा करीब 318.5% बढ़ा है। इसमें सरकार द्वारा दी जाने वाली 2.5% सालाना ब्याज दर को शामिल नहीं किया गया है। यानी, लगभग 7 साल पहले निवेश करने वालों की बल्ले-बल्ले हो गई है।
प्रीमैच्योर एग्जिट के नियम
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की मैच्योरिटी 8 साल की होती है, लेकिन सरकार 5वें साल से प्रीमैच्योर एग्जिट का ऑप्शन देती है। इसके लिए निवेशकों को ब्याज भुगतान की तारीख पर ही रिक्वेस्ट करनी होती है। बॉन्ड की कीमत सोने के मौजूदा बाजार भाव से जुड़ी होती है, इसलिए यह ग्लोबल और डोमेस्टिक मार्केट के उतार-चढ़ाव के साथ बदलती रहती है।
टैक्स और अन्य बातें
हालांकि, निवेशकों को यह भी ध्यान रखना होगा कि इन बॉन्ड्स से होने वाली कमाई पर कैपिटल गेन टैक्स (Capital Gains Tax) लागू होगा। इसके अलावा, SGB पर 2.5% सालाना ब्याज भी मिलता है, जो 'अन्य स्रोतों से आय' (Income from Other Sources) के तहत टैक्सेबल होता है। निवेशक रिडेम्पशन करने या 8 साल तक होल्ड करने से पहले अपने मौजूदा गोल्ड होल्डिंग और फाइनेंशियल गोल को ध्यान में रखकर फैसला ले सकते हैं।
