कोयला खनन के लिए मशहूर सरकारी कंपनी Singareni Collieries (SCCL) अब सोने और तांबे की खोज में उतर गई है। कंपनी ने कर्नाटक के देवदुर्गा ब्लॉक में अपना पहला एक्सप्लोरेशन अभियान शुरू किया है, जो उसके पोर्टफोलियो में बड़ा बदलाव लाएगा।
कोयले से परे नई पहचान
136 साल के अपने इतिहास में पहली बार, Singareni Collieries Company Limited (SCCL) ने पारंपरिक कोयला खनन से हटकर कीमती धातुओं के क्षेत्र में कदम रखा है। 27 अगस्त, 2026 को तेलंगाना के डिप्टी सीएम मल्लु भट्टी विक्रमार्क ने कर्नाटक के रायचूर जिले में देवदुर्गा ब्लॉक में इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया।
क्या है कंपनी का प्लान?
इस अभियान के तहत 199.13 वर्ग किलोमीटर के इलाके का सर्वे किया जाएगा ताकि वहां मौजूद मिनरल रिजर्व्स का पता लगाया जा सके। काम को रफ्तार देने के लिए लिंगदाहल्ली गांव में एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिस और अधिकारियों की आवाजाही के लिए एक समर्पित हेलिपैड भी बनाया जा रहा है।
चुनौतियां और रिस्क (The Risk Factor)
कंपनी के लिए यह कदम जितना बड़ा है, चुनौतियां भी उतनी ही गहरी हैं। मिनरल एक्सप्लोरेशन पूरी तरह से अनिश्चितताओं का खेल है। इसमें भारी कैपिटल इन्वेस्टमेंट की जरूरत होती है और सोने या तांबे के अच्छे डिपॉजिट मिलने की कोई गारंटी नहीं होती।
इसके अलावा, तेलंगाना के बाहर कर्नाटक में काम करने के लिए स्थानीय प्रशासन और वहां की रिवेन्यू अथॉरिटीज से कई तरह की क्लीयरेंस और जमीन का अधिग्रहण करना होगा, जो आने वाले समय में एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। फिलहाल, यह प्रोजेक्ट कंपनी के लिए एक 'टेस्ट केस' की तरह है, जहां भविष्य में पूरी तरह से एक्सट्रैक्शन शुरू करने का फैसला पूरी तरह से जियोलॉजिकल रिपोर्ट और सरकार की मंजूरियों पर निर्भर करेगा।
