Sindhu Trade Links: रेवेन्यू **75%** लुढ़का, फिर भी मुनाफे में लौटी कंपनी! जानिए क्या है पूरा मामला

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AuthorAditi Chauhan | Whalesbook News Team

Overview

Sindhu Trade Links ने Q3 FY26 के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू **75%** लुढ़क कर **₹127.57 करोड़** पर आ गया है। हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े रेवेन्यू घाटे के बावजूद कंपनी पिछले साल के नुकसान से उबरकर **₹13.87 करोड़** के प्रॉफिट में आ गई है।

📉 नतीजों का बड़ा खुलासा

Sindhu Trade Links ने Q3 FY26 के लिए अपने अनऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स का खुलासा किया है, जिसमें स्टैंडअलोन (Standalone) ऑपरेशंस में रेवेन्यू में 16.11% की गिरावट देखी गई। यह ₹95.33 करोड़ रहा, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹113.59 करोड़ था। नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 60.69% की बड़ी गिरावट आई और यह ₹5.75 करोड़ पर आ गया, जबकि पिछले साल यह ₹14.61 करोड़ था। अर्निंग्स पर शेयर (EPS) भी ₹0.04 पर आ गया, जो पिछले साल ₹0.09 था।
पहले नौ महीनों (9M FY26) के लिए, स्टैंडअलोन रेवेन्यू 9.21% घटकर ₹334.39 करोड़ रहा, और PAT 64.23% गिरकर ₹16.39 करोड़ हो गया। EPS ₹0.11 रहा।

कंसोलिडेटेड लेवल पर कहानी अलग

वहीं, कंसोलिडेटेड (Consolidated) लेवल पर स्थिति और भी गंभीर है। Q3 FY26 में रेवेन्यू में भारी 75.03% की साल-दर-साल (YoY) गिरावट आई, जिससे यह ₹127.57 करोड़ रह गया, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹510.87 करोड़ था। हालांकि, इस रेवेन्यू के भारी गिरावट के बावजूद, कंपनी ने प्रॉफिट टर्नअराउंड (Profit Turnaround) दिखाया है। Q3 FY26 में ₹13.87 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में ₹-7.47 करोड़ का नेट लॉस था। EPS ₹0.06 पर पहुंच गया।
पहले नौ महीनों (9M FY26) में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 73.69% गिरकर ₹451.39 करोड़ रहा। PAT में 75.94% की भारी कमी आई और यह ₹43.48 करोड़ पर आ गया, जो पिछले साल ₹180.57 करोड़ था।

नतीजों के पीछे की वजह?

स्टैंडअलोन प्रदर्शन चिंताजनक है क्योंकि प्रॉफिट में गिरावट रेवेन्यू की तुलना में कहीं ज्यादा है, जो मार्जिन पर दबाव या परिचालन लागतों में वृद्धि का संकेत देता है। स्टैंडअलोन स्तर पर फाइनेंस कॉस्ट (Finance Costs) भी बढ़कर ₹9.41 करोड़ हो गई, जो पिछले साल ₹8.75 करोड़ थी। 'फाइनेंस ऑपरेशंस' सेगमेंट ने घाटे में और वृद्धि दिखाई है।
कंसोलिडेटेड लेवल पर प्रॉफिट टर्नअराउंड का मुख्य श्रेय एसोसिएट्स (Associates) और ज्वाइंट वेंचर्स (Joint Ventures) से होने वाले प्रॉफिट में भारी वृद्धि को जाता है। 9M FY26 में यह ₹3,654.89 लाख रहा, जो 9M FY25 में केवल ₹593.60 लाख था। यह दर्शाता है कि कोर ऑपरेटिंग सेगमेंट्स गंभीर दबाव में हैं, जबकि सब्सिडियरी/एसोसिएट कंपनियों का प्रदर्शन प्रॉफिट फ्रंट पर भरपाई कर रहा है।

बैलेंस शीट और भविष्य के संकेत

कंपनी के कंसोलिडेटेड बैलेंस शीट (Balance Sheet) के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 तक कुल संपत्ति (Total Assets) थोड़ी बढ़कर ₹2,80,838.84 लाख हो गई, जो 31 मार्च 2025 को ₹2,72,970.64 लाख थी। कुल इक्विटी (Total Equity) बढ़कर ₹2,19,874.80 लाख हो गई, जबकि नॉन-करंट बोरिंग्स (Non-current Borrowings) भी बढ़कर ₹37,045.79 लाख हो गई, जो पहले ₹31,001.28 लाख थी।
ऑडिटर की लिमिटेड रिव्यू रिपोर्ट (Limited Review Report) में कोई प्रतिकूल अवलोकन (Adverse Observations) नहीं थे। हालांकि, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में आई भारी गिरावट, विशेष रूप से 'ओवरसीज कोल माइनिंग एंड ट्रेडिंग' (Overseas Coal Mining & Trading) और 'ऑयल ड्रिलिंग ऑपरेशंस' (Oil Drilling Operations) जैसे सेगमेंट्स में, कंपनी के अंतर्निहित व्यावसायिक स्वास्थ्य (Underlying Business Health) और भविष्य की कमाई की संभावनाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है। मैनेजमेंट से इस भारी गिरावट के पीछे के कारणों और प्रॉफिट टर्नअराउंड की स्थिरता पर टिप्पणी का इंतजार रहेगा।

🚩 जोखिम और आगे की राह

मुख्य जोखिम स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड दोनों संस्थाओं में रेवेन्यू में आई भारी YoY गिरावट है, जो प्रमुख व्यावसायिक खंडों में संभावित प्रणालीगत मुद्दों (Systemic Issues) या एक महत्वपूर्ण डी-रिस्किंग एक्सरसाइज (De-risking Exercise) का सुझाव देती है। निवेशकों को 'ओवरसीज कोल माइनिंग एंड ट्रेडिंग' और 'ऑयल ड्रिलिंग ऑपरेशंस' जैसे सेगमेंट्स के प्रदर्शन पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। कंसोलिडेटेड प्रॉफिटेबिलिटी के लिए एसोसिएट्स और ज्वाइंट वेंचर्स पर निर्भरता भी एक जोखिम है, यदि उनका योगदान कम हो जाता है। कंसोलिडेटेड बैलेंस शीट पर बढ़ता कर्ज भी ध्यान देने योग्य है।

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