चांदी की रिकॉर्ड तोड़ रैली: सौर ऊर्जा की डिमांड पर मंडराता खतरा!

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AuthorNeha Patil|Published at:
चांदी की रिकॉर्ड तोड़ रैली: सौर ऊर्जा की डिमांड पर मंडराता खतरा!
Overview

बाजार में चांदी (Silver) की कीमतों में तूफानी तेजी देखने को मिली है, जिसने रिकॉर्ड स्तर को छू लिया है। विश्लेषकों का कहना है कि इस उछाल की मुख्य वजह सौर ऊर्जा (Solar Energy) क्षेत्र से बढ़ती मांग और अटकलों का बाजार (Speculative Market) है। लेकिन, इस तेजी के पीछे एक बड़ा खतरा भी छिपा है, जो इस मांग को खत्म कर सकता है।

चांदी की कीमतों में क्यों आया इतना उबाल?

हाल के महीनों में चांदी (Silver) की कीमतों ने गजब का प्रदर्शन किया है। फरवरी 2026 के मध्य तक, चांदी की कीमत लगभग $81 से $84.97 प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रही थी। यह पिछले साल के मुकाबले 150% से भी ज्यादा की जबरदस्त बढ़ोतरी है, जिसने सोने (Gold) की बढ़त को भी पीछे छोड़ दिया। जनवरी 2026 के अंत में तो चांदी ने $121.65 का अपना सर्वकालिक उच्च स्तर भी पार कर लिया था, जो अटकलों और मजबूत मांग दोनों का साफ संकेत था। iShares Silver Trust (SLV) जैसे बड़े ETF में भी यह हलचल साफ दिखती है, जिसका मार्केट कैप करीब $44 बिलियन है। यह सब तब हो रहा है जब बाजार में लगातार छठी बार 67 मिलियन औंस की अनुमानित कमी देखी जा रही है।

सौर ऊर्जा: चांदी की डिमांड का सहारा और उसकी सबसे बड़ी चुनौती

सौर ऊर्जा (Solar Energy) का क्षेत्र चांदी का एक बड़ा उपभोक्ता है, जो सालाना लगभग 196 मिलियन औंस (वैश्विक बाजार का करीब 17%) चांदी का इस्तेमाल करता है। हाल ही में TOPCon जैसी नई सौर तकनीकें, जिनमें ज्यादा चांदी की जरूरत होती है, डिमांड बढ़ाने में अहम साबित हुई हैं। लेकिन, इसी उद्योग में 'थ्रिफ्टिंग' (thrifting) यानी हर पैनल में चांदी की खपत को लगातार कम करने की कोशिश, चांदी की मांग के लिए एक बड़ा खतरा बन सकती है। मॉड्यूल निर्माता कंपनियां हर साल चांदी के इस्तेमाल में करीब 15% की कटौती करती रही हैं। इसके अलावा, सिल्वर-कोटेड कॉपर पाउडर (SCCP) जैसी नई सामग्रियों के इस्तेमाल से चांदी की मात्रा 30-50% तक कम हो जाती है, जबकि पैनल की एफिशिएंसी (efficiency) में ज्यादा फर्क नहीं पड़ता
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भले ही ब्लूमबर्गएनईएफ (BloombergNEF) जैसी संस्थाएं 2025 में 700 GW और 2035 तक 900 GW से ज्यादा सौर ऊर्जा इंस्टॉलेशन का अनुमान लगा रही हैं, लेकिन अब यह ग्रोथ बहुत कम चांदी का इस्तेमाल करके हासिल की जाएगी। द सिल्वर इंस्टीट्यूट (The Silver Institute) का अनुमान है कि 2026 में सौर ऊर्जा सहित औद्योगिक क्षेत्र में चांदी की खपत 2% घटकर 650 मिलियन औंस के चार साल के निचले स्तर पर आ सकती है। इसका मुख्य कारण 'थ्रिफ्टिंग' और सौर पैनलों में चांदी की जगह दूसरी चीजों का इस्तेमाल है
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क्या कीमतों का बढ़ना टिकाऊ है?

मौजूदा चांदी की कीमतें, खासकर इसके सबसे बड़े औद्योगिक इस्तेमाल वाले क्षेत्र की मांग के लंबे समय के ट्रेंड से अलग दिख रही हैं। TOPCon तकनीक पर आधारित वर्तमान डिमांड का उछाल अस्थायी हो सकता है, क्योंकि एफिशिएंसी बढ़ने से प्रति पैनल चांदी की मात्रा कम होती जाएगी। भले ही सौर ऊर्जा इंस्टॉलेशन बढ़ते रहें, चांदी की घटती इंटेंसिटी (intensity) का मतलब है कि कुल मांग वृद्धि पर इसका असर कम होगा। इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे अन्य क्षेत्र भले ही चांदी की खपत बढ़ा रहे हों, लेकिन यह वृद्धि सौर ऊर्जा क्षेत्र से संभावित गिरावट की भरपाई करने के लिए शायद काफी न हो
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दूसरी ओर, चांदी खनन (mining) की लागत को देखें तो सप्लाई में बड़ी गिरावट की संभावना कम है, भले ही कीमतें गिर जाएं। 2024 में प्रमुख चांदी उत्पादकों की ब्रेकईवन लागत (breakeven costs) लगभग $18.65 से $29.43 प्रति औंस के बीच थी, जिसमें उद्योग की औसत लागत करीब $26.86 थी। इसका मतलब है कि मौजूदा स्तरों से काफी कम कीमतों पर भी अधिकांश उत्पादन लाभदायक बना रहेगा, जिससे सप्लाई बनी रहेगी। फर्स्ट मैजेस्टिक सिल्वर (First Majestic Silver - AG) और हेक्ला माइनिंग (Hecla Mining - HL) जैसी खनन कंपनियों के स्टॉक ऊंचे P/E रेश्यो (ratio) पर ट्रेड कर रहे हैं, जो बताते हैं कि बाजार में भारी उम्मीदें हैं, लेकिन भविष्य की मांग चुनौतियों को नजरअंदाज किया जा सकता है।

भविष्य की राह: अनिश्चितता के बीच उम्मीदें

द सिल्वर इंस्टीट्यूट (The Silver Institute) का अनुमान है कि 2026 में वैश्विक चांदी की मांग स्थिर रहेगी। फिजिकल इन्वेस्टमेंट (physical investment) में 20% की बढ़ोतरी, ज्वेलरी (jewelry) और सिल्वरवेयर (silverware) की मांग में आने वाली गिरावट की भरपाई कर सकती है। हालांकि, औद्योगिक क्षेत्र (industrial fabrication) में, खासकर सौर ऊर्जा (photovoltaic sector) के कारण, गिरावट की उम्मीद है
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विश्लेषकों की राय फर्स्ट मैजेस्टिक सिल्वर (AG) जैसे बड़े चांदी माइनर्स के लिए 'Buy' या 'Moderate Buy' की ओर झुकी हुई है, और टारगेट प्राइस में अलग-अलग अपसाइड पोटेंशियल (upside potential) दिख रहा है। हेक्ला माइनिंग (HL) के लिए 'Hold' या 'Neutral' की राय ज्यादा आम है, हालांकि कुछ विश्लेषकों ने हाल ही में स्टॉक को बेहतर टारगेट प्राइस के साथ अपग्रेड किया है
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लेकिन मुख्य जोखिम यही है कि जैसे-जैसे एफिशिएंसी बढ़ेगी और सौर बाजार परिपक्व होगा, चांदी की कीमतें उसके औद्योगिक अनुप्रयोगों से मिलने वाले मूल्य से अलग हो सकती हैं, जिससे धातु के मौजूदा मूल्यांकन (valuation) के लिए एक बड़ा जोखिम पैदा हो सकता है।

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