11 सितंबर, 2026 को NSE पर Silver और Gold ETF में तेज बिकवाली देखने को मिली। सिल्वर के दाम में **3%** तक की गिरावट दर्ज की गई, जिसकी बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड में उछाल है।
बाजार में मची हलचल
शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर प्रीशियस मेटल ईटीएफ (ETFs) में एक बड़ा करेक्शन देखने को मिला। सिल्वर ईटीएफ में 3% तक की गिरावट रही, जबकि गोल्ड ईटीएफ भी करीब 1% नीचे लुढ़क गए। यह बिकवाली उन निवेशकों के दबाव को दर्शाती है जो हालिया तेजी के बाद अब मुनाफा वसूली (Profit Booking) कर रहे हैं।
क्यों गिर रहे हैं दाम?
इस गिरावट के पीछे ग्लोबल मैक्रो-इकोनॉमिक फैक्टर मुख्य कारण हैं:
- बढ़ती बॉन्ड यील्ड: अमेरिका की 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड अब 5% के स्तर के करीब पहुंच गई है, जिससे निवेशक गोल्ड-सिल्वर जैसे बिना ब्याज वाले एसेट को छोड़कर बॉन्ड्स की ओर रुख कर रहे हैं।
- मजबूत डॉलर: डॉलर इंडेक्स 99 के स्तर पर है। डॉलर के महंगे होने से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कीमती धातुओं की डिमांड पर असर पड़ा है।
- महंगाई का खतरा: ब्रेंट क्रूड ऑयल अभी भी $100 प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है, जिससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना बढ़कर 70% हो गई है।
गोल्ड बनाम सिल्वर
बाजार के जानकारों का मानना है कि सिल्वर में गोल्ड के मुकाबले ज्यादा गिरावट इसलिए दिखी क्योंकि सिल्वर की 'बीटा' (Beta) ज्यादा होती है। आसान भाषा में कहें तो, बाजार में अस्थिरता के समय सिल्वर गोल्ड से ज्यादा तेजी से गिरता है। फिलहाल, निवेशकों की नजरें अब अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की टिप्पणियों पर टिकी हैं, जो आगे चलकर इन कमोडिटी (Commodity) की चाल तय करेंगी।
