डॉलर की मजबूती और शांति की उम्मीदों का असर
इस बड़ी गिरावट की मुख्य वजहों में से एक है अमेरिकी डॉलर (US Dollar) का मजबूत होना। फेडरल रिजर्व (Fed) की हॉकिश पॉलिसियों की उम्मीद और भू-राजनीतिक तनावों में आई कमी, जैसे अमेरिका-ईरान बातचीत की उम्मीद और चीन के साथ सकारात्मक संवाद, ने चांदी जैसी सुरक्षित निवेश (Safe Haven) मानी जाने वाली कमोडिटी (Commodity) की चमक फीकी कर दी है।
मार्जिन में बढ़ोतरी और मार्केट की चाल
इसके अलावा, CME Group ने सिल्वर फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए मार्जिन रिक्वायरमेंट बढ़ा दी है। COMEX 5000 सिल्वर फ्यूचर्स के लिए मार्जिन 15% से बढ़कर 18% कर दिया गया है, जो 6 फरवरी 2026 से लागू है। इससे सट्टेबाजी (Speculative Leverage) कम हो जाती है और कीमतों पर दबाव बनता है। कुछ मार्केट जानकारों का यह भी मानना है कि क्रिप्टो (Crypto) से जुड़े लिक्विडेशन (Liquidations) का भी इस गिरावट में हाथ हो सकता है।
विश्लेषकों का क्या कहना है?
हालांकि, UBS जैसे ब्रोकरेज हाउस इस गिरावट को एक 'टेक्निकल करेक्शन' (Technical Correction) मान रहे हैं, न कि फंडामेंटल (Fundamental) बदलाव। UBS ने मार्च 2026 तक चांदी के लिए $105 प्रति औंस का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है, जबकि जून के लिए $100, सितंबर के लिए $95 और दिसंबर 2026 के लिए $85 का अनुमान लगाया है। लेकिन, वे यह भी सलाह देते हैं कि इन अनुमानों को मौजूदा अत्यधिक वोलैटिलिटी (Volatility) और नाजुक डिमांड कंडीशंस (Demand Conditions) के बीच देखना होगा।