Silver Price: चांदी में तूफानी तेजी! ₹276 पार, जानें क्या है वजह

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AuthorAditya Rao|Published at:
Silver Price: चांदी में तूफानी तेजी! ₹276 पार, जानें क्या है वजह
Overview

आज यानी 10 मार्च 2026 को भारतीय सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखी गई। चांदी **3.09%** उछलकर **₹276** प्रति ग्राम पर पहुंच गई। डॉलर के कमजोर होने और मध्य पूर्व (Middle East) में तनाव कम होने के संकेतों के चलते यह तेजी आई है।

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डॉलर की कमजोरी और मिडिल ईस्ट का फैक्टर

आज चांदी में आई इस तेजी के पीछे मुख्य वजहें भू-राजनीतिक (Geopolitical) माहौल में आए बदलाव और करेंसी मार्केट की चाल रही। भारत में चांदी 3.09% बढ़कर ₹276 प्रति ग्राम और ₹27,570 प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी स्पॉट सिल्वर (Spot Silver) $89 प्रति औंस के करीब मजबूत हुआ।

खबरों के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से सैन्य अभियानों के जल्द खत्म होने और तेल प्रतिबंधों पर छूट मिलने की बात से बाजारों की चिंता कम हुई। इससे डॉलर कमजोर हुआ, जिससे चांदी जैसी कमोडिटीज निवेशकों के लिए ज्यादा आकर्षक हो गईं।

चांदी का उतार-चढ़ाव भरा इतिहास

चांदी की चाल का सीधा संबंध वैश्विक स्थिरता और अमेरिकी डॉलर से रहा है। हाल ही में फरवरी 2026 के अंत में मध्य पूर्व में बढ़े तनाव के दौरान चांदी में करीब 9% की तेजी आई थी। लेकिन, चांदी की खासियत है कि जब तनाव कम होता है तो यह सोने से भी ज्यादा तेजी से नीचे आ सकती है। मार्च की शुरुआत में इसमें काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला था।

औद्योगिक मांग और ईटीएफ की मजबूती

हालांकि, अल्पकालिक (short-term) निवेश भू-राजनीतिक घटनाक्रमों से प्रेरित हो सकता है, लेकिन चांदी की दीर्घकालिक (long-term) मांग इसके औद्योगिक उपयोग से भी जुड़ी है। सोलर एनर्जी और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सेक्टर में इसका इस्तेमाल होता है। भारत में, चांदी ईटीएफ (Silver ETFs) ने 2026 की शुरुआत में शानदार प्रदर्शन किया है, कुछ फंड्स ने तो साल के पहले 20 दिनों में ही 25% से ज्यादा का रिटर्न दिया है।

विश्लेषकों की मिली-जुली राय

कीमतों में हालिया उछाल के बावजूद, विश्लेषकों का चांदी के भविष्य को लेकर नजरिया अलग-अलग है। कुछ का अनुमान है कि 2026 में चांदी की औसत कीमत करीब $81 रह सकती है, जबकि कुछ बड़ी फर्मों का अनुमान है कि यह मार्च 2026 तक $100 तक पहुंच सकती है।

मुख्य जोखिम: महंगाई और तनाव

फिलहाल, चांदी की तेजी इस बात पर निर्भर करती है कि मध्य पूर्व के हालात शांतिपूर्ण रहें। किसी भी तरह के नए तनाव से कीमतों में फिर से उतार-चढ़ाव आ सकता है। इसके अलावा, अमेरिका से आने वाले महंगाई के आंकड़े (Inflation Data) एक अहम मोड़ साबित होंगे। अगर महंगाई ज्यादा रहती है, तो फेडरल रिजर्व (US Central Bank) ब्याज दरें कम करने में हिचकिचा सकता है, जिससे चांदी जैसी नॉन-यील्ड एसेट (Non-yield asset) कम आकर्षक हो जाएगी और कीमतें गिर सकती हैं।

आउटलुक: डेटा और शांति पर निर्भर

बाजार का मिजाज मिला-जुला है, जहां शांति की उम्मीदों और अहम आर्थिक आंकड़ों के इंतजार के बीच संतुलन बना हुआ है। निवेशक फेडरल रिजर्व के अगले कदम का अंदाजा लगाने के लिए महंगाई के आंकड़ों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। हालांकि औद्योगिक मांग का सपोर्ट बना हुआ है, लेकिन अल्पावधि में कीमतों में उतार-चढ़ाव करेंसी की चाल, भू-राजनीतिक खबरों और महंगाई की उम्मीदों पर निर्भर करेगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.