US Federal Reserve द्वारा ब्याज दरों में **25 बेसिस पॉइंट्स** की बढ़ोतरी के बाद Silver की कीमतों में बड़ा एक्शन दिखा है। चांदी **$65.87** के स्तर पर पहुंच गई है, जिसे गिरते क्रूड ऑयल और बॉन्ड यील्ड से मजबूती मिली है।
बाजार की उलटी चाल
आमतौर पर जब केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ाता है, तो गोल्ड और सिल्वर जैसे नॉन-यील्डिंग एसेट्स पर दबाव आता है। लेकिन इस बार तस्वीर जुदा है। फेडरल रिजर्व ने दरों को 3.75% से 4.00% की रेंज में पहुंचाया है, फिर भी सिल्वर ने $62.85 के मजबूत सपोर्ट लेवल से बाउंस बैक किया और 4% की बढ़त के साथ $65.87 तक जा पहुंची।
क्यों बढ़ रही है सिल्वर?
इस तेजी के पीछे दो प्रमुख कारण हैं:
बॉन्ड यील्ड और एनर्जी का असर: जैसे ही US बॉन्ड यील्ड में नरमी आई, सिल्वर को होल्ड करने की लागत कम हो गई। साथ ही, क्रूड ऑयल की गिरती कीमतों ने महंगाई की चिंताओं को थोड़ा कम किया है, जिससे कमोडिटी मार्केट को राहत मिली है।
इंडस्ट्रियल डिमांड का दम: हालांकि ETF के जरिए निवेश अभी धीमा है, लेकिन फिजिकल डिमांड ने बाजार को गिरने नहीं दिया। चीन में सिल्वर का इम्पोर्ट जुलाई तक पिछले साल के मुकाबले 50% बढ़ गया है, जो इसकी कीमतों के लिए एक बड़ा सहारा बना हुआ है।
आगे क्या उम्मीद करें?
Bank of England द्वारा गिल्ट सेल्स को अप्रैल तक रोकने और एनर्जी मार्केट की घटती उठापटक ने सेंटिमेंट को थोड़ा स्थिर किया है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि ETF में सुस्त मांग और इंडस्ट्रियल डिमांड के बीच का फासला निवेशकों के लिए 'वोलेटिलिटी' का संकेत है। आने वाले समय में US ट्रेजरी यील्ड्स और ग्लोबल सेंट्रल बैंकों के रुख पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा।
