अमेरिकी महंगाई दर में आई नरमी और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदों में कमी के चलते चांदी की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई है। यह **$66.79** के उच्चतम स्तर से घटकर करीब **$64.73** प्रति औंस पर आ गई है। हालांकि, सौर ऊर्जा क्षेत्र से लगातार बनी मांग और ब्याज दरों में संभावित नरमी को देखते हुए विश्लेषकों को चांदी **$68** तक पहुंचने की उम्मीद है।
मांग और सप्लाई की गणित: चांदी में क्यों दिख रही है तेजी?
अमेरिकी मुद्रास्फीति (Inflation) के आंकड़ों में आई नरमी के बाद से कीमती धातुओं, खासकर चांदी, के बाजार में हलचल देखी जा रही है। जुलाई के कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के आंकड़ों ने दिखाया कि महंगाई दर 3.4% पर आ गई है, जो उम्मीदों के मुताबिक है। वहीं, कोर CPI भी घटकर 2.5% पर पहुंच गया है। इस डेटा ने फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) द्वारा आक्रामक तरीके से ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदों को कम कर दिया है।
बाजार का अनुमान है कि फेडरल रिजर्व सितंबर में 25 बेसिस पॉइंट की दर वृद्धि कर सकता है, जिसकी संभावना घटकर करीब 35% रह गई है, जो पिछले हफ्ते 55% थी। ऐसे में, निवेशकों के लिए चांदी जैसी कीमती धातुएं, जो डिविडेंड या ब्याज नहीं देतीं, बॉन्ड जैसी यील्ड देने वाली संपत्तियों की तुलना में अधिक आकर्षक हो जाती हैं, खासकर जब ब्याज दरें स्थिर या गिरने की उम्मीद हो।
सोलर एनर्जी से चांदी को बूस्ट
ब्याज दरों के अलावा, चांदी की मांग सिर्फ निवेश के तौर पर नहीं, बल्कि एक इंडस्ट्रियल कमोडिटी के रूप में भी बढ़ रही है। खासकर ग्रीन एनर्जी की ओर बढ़ते रुझान, विशेष रूप से सोलर पैनल के निर्माण में, चांदी की मांग को लगातार बढ़ा रहा है। हाल ही में, चीन, जो चांदी का एक बड़ा उपभोक्ता है, ने जून में 62.5% की जोरदार सालाना बढ़ोतरी के साथ चांदी का आयात किया है। यह औद्योगिक मांग चांदी के भाव को एक सपोर्ट दे रही है।
$68 का लक्ष्य कितना संभव?
Mirae Asset ShareKhan जैसे मार्केट एनालिस्ट्स का मानना है कि अगर ग्लोबल ETF में निवेश बढ़ता रहा और औद्योगिक मांग मजबूत बनी रही, तो चांदी की कीमतें $68 के स्तर तक जा सकती हैं।
जोखिम और सतर्कता
हालांकि, तेजी की उम्मीदों के बीच कुछ जोखिम भी बने हुए हैं। हालिया गिरावट इस बात का संकेत है कि बाजार में अभी भी अस्थिरता (Volatility) बनी हुई है। यदि फेडरल रिजर्व के अधिकारी अपनी भाषणों में आक्रामक रुख बनाए रखते हैं, तो चांदी की बढ़त सीमित हो सकती है। इसके अलावा, वैश्विक एक्सचेंजों पर चांदी का स्टॉक (Inventories) भी कीमतों को प्रभावित कर सकता है। इसलिए, निवेशकों को फेडरल रिजर्व के अगले बयानों, अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और चांदी के स्टॉक के स्तर पर कड़ी नजर रखनी चाहिए।
