Silver Price Crash: चांदी में भारी गिरावट, ₹2.35 लाख पर आया भाव, जानें क्या है कारण

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AuthorAditya Rao|Published at:
Silver Price Crash: चांदी में भारी गिरावट, ₹2.35 लाख पर आया भाव, जानें क्या है कारण

भारत में सिल्वर (Silver) की कीमतों में जनवरी के हाई लेवल से **40%** से ज्यादा की गिरावट आई है और यह अभी **₹2.35 लाख** प्रति किलोग्राम के पास ट्रेड कर रहा है। बुलियन मार्केट इस समय कमजोर रिटेल डिमांड और **2,000 टन** चांदी के भारी स्टॉक के बोझ से जूझ रहा है।

बाजार पर सप्लाई का भारी दबाव

डोमेस्टिक बुलियन मार्केट के लिए इस समय सबसे बड़ी चिंता सप्लाई का अत्यधिक दबाव है। भारतीय डीलर्स और रिफाइनर्स के पास फिलहाल 2,000 टन चांदी आने की कतार में है। गौरतलब है कि भारत की सालाना जरूरत लगभग 7,000 टन है, ऐसे में यह अतिरिक्त स्टॉक बाजार की कुल डिमांड का एक बड़ा हिस्सा है। चूंकि फिजिकल बार, सिक्के और सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) में रिटेल खरीदारी अभी काफी सुस्त है, इसलिए डीलर्स को डर है कि इतनी बड़ी मात्रा में मौजूद चांदी की खपत होना मुश्किल है, जो स्पॉट प्राइस पर और दबाव बना सकती है।

इंडस्ट्रियल डिमांड में कमी

कीमतों में गिरावट का एक बड़ा कारण इंडस्ट्रियल कंजम्पशन का कम होना भी है। सोलर एनर्जी, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर में चांदी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव ने वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता का माहौल बना दिया है। इस आर्थिक अस्थिरता के चलते मैन्युफैक्चरर्स अब चांदी की जगह तांबा (Copper) और एल्युमीनियम जैसे सस्ते विकल्पों की तलाश कर रहे हैं। साथ ही, चीनी सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरर्स की तरफ से भी मांग धीमी हो गई है, जिससे कीमतों को मिलने वाला सपोर्ट खत्म हो गया है।

निवेशकों के लिए चेतावनी

निवेशकों को अब आने वाले समय में 2,000 टन के इस नए स्टॉक के अवशोषण (Absorption) पर नजर रखनी होगी। अगर इंडस्ट्रियल और रिटेल डिमांड में सुधार नहीं हुआ, तो चांदी के भाव में गिरावट का सिलसिला जारी रह सकता है। ग्लोबल जियोपॉलिटिकल तनाव और औद्योगिक बदलाव आने वाले महीनों में इस कमोडिटी की दिशा तय करने वाले मुख्य कारक होंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.