ग्लोबल इकोनॉमी में बढ़ते ब्याज दरों और मजबूत होते अमेरिकी डॉलर के बीच, मार्च 2026 में चांदी की कीमतों में अचानक भारी गिरावट आई है। इस गिरावट ने चांदी के 'सुरक्षित निवेश' (Safe Haven) के तौर पर अपनी पहचान को गहरा झटका दिया है।
पिछले महीने, यानी मार्च 2026 में, चांदी की स्पॉट कीमतों में लगभग 20% की भारी गिरावट आई। यह सितंबर 2011 के बाद चांदी के लिए सबसे बड़ी मासिक गिरावट है। कीमतें करीब $27.50 प्रति औंस से गिरकर $22.50 प्रति औंस के स्तर पर आ गईं। इस बड़ी गिरावट के दौरान ट्रेडिंग वॉल्यूम में भी भारी उछाल देखा गया, जो विक्रेताओं की मजबूत बिकवाली का संकेत देता है।
इस गिरावट के विपरीत, सोना (Gold) ने अधिक मजबूती दिखाई और महीने के अंत तक करीब $1800 प्रति औंस के स्तर पर बना रहा, जो मार्च की शुरुआत से मामूली गिरावट थी। यह अंतर बताता है कि निवेशक सोने को चांदी की तुलना में अधिक स्थिर मान रहे हैं। अन्य कमोडिटी मार्केट (Commodity Market) में भी कमजोरी देखी गई, जैसे कॉपर (Copper) जैसे औद्योगिक धातुएं भी वैश्विक आर्थिक विकास की चिंताओं के कारण गिरीं।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व (U.S. Federal Reserve) का महंगाई से लड़ने पर कड़ा रुख और भविष्य में ब्याज दरें बढ़ाने के संकेत ने चांदी पर दबाव बढ़ाया। इसके साथ ही, मजबूत अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (U.S. Dollar Index) ने भी डॉलर-मूल्यवान संपत्तियों, जैसे चांदी, को अन्य मुद्राओं का उपयोग करने वाले खरीदारों के लिए महंगा बना दिया।
यह तेज गिरावट वित्तीय संकट के बजाय सख्त मौद्रिक नीति और बदलते निवेशक सेंटीमेंट का नतीजा लगती है। विश्लेषक चांदी के भविष्य को लेकर बंटे हुए हैं; कुछ लोग 2026 में मजबूत औद्योगिक मांग के कारण इसे खरीदने का अच्छा मौका मान रहे हैं, जबकि अन्य जारी ब्याज दर दबाव और डॉलर की मजबूती के कारण और गिरावट की चेतावनी दे रहे हैं। उच्च ब्याज दरें चांदी जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्तियों को नकदी या ब्याज देने वाले निवेशों की तुलना में कम आकर्षक बनाती हैं। भले ही चांदी की औद्योगिक मांग एक सकारात्मक कारक है, लेकिन अगर मौद्रिक नीति सख्त बनी रहती है तो यह वित्तीय निवेशकों की नकारात्मक भावना को ऑफसेट करने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकती है। चांदी का सोने की तुलना में मार्च में कमजोर प्रदर्शन यह भी संकेत देता है कि प्रमुख निवेशक समूह इसके 'सेफ हेवन' आकर्षण से दूर जा रहे हैं।
आगे चलकर, चांदी की कीमतें काफी हद तक फेडरल रिजर्व की भविष्य की नीतिगत चालों और समग्र महंगाई के रुझानों पर निर्भर करेंगी। उच्च दरों पर निरंतर ध्यान चांदी पर दबाव बनाए रख सकता है। इसके विपरीत, नीतिगत बदलाव के कोई भी संकेत या भू-राजनीतिक तनाव में कमी राहत प्रदान कर सकती है। विश्लेषकों का मानना है कि इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोटिव क्षेत्रों से निरंतर औद्योगिक मांग कीमतों को सहारा दे सकती है। हालांकि, वैश्विक ब्याज दरों में स्पष्ट बदलाव या व्यापक वित्तीय जोखिम के कारण 'सेफ हेवन' मांग में नई बढ़ोतरी के बिना, चांदी जल्द ही अपनी पिछली ऊपर की प्रवृत्ति को पुनः प्राप्त करने के लिए संघर्ष कर सकती है।