Silver की कीमतों में भारी गिरावट देखी गई है, जो अब $52.48 के स्तर पर आ गई हैं। $54.50 का मजबूत सपोर्ट लेवल टूटने के बाद निवेशक सतर्क हैं। COMEX में चांदी की इन्वेंट्री घटने के बावजूद, निवेशकों का रुझान सोने (Gold) की ओर बढ़ा है और अमेरिकी अर्थव्यवस्था के मजबूत आंकड़ों के चलते ब्याज दरें ऊंची बनी हुई हैं, जिसका दबाव चांदी पर दिख रहा है।
बाजार में बिकवाली का दबाव
चांदी के भावों में दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। $54.50 का अहम सपोर्ट लेवल टूटने के बाद, यह कीमती धातु फिलहाल $52.48 के आसपास कारोबार कर रही है, जो एक दिन में 2.77% की गिरावट को दर्शाता है। साल 2026 की शुरुआत से अब तक चांदी में 27% की गिरावट आ चुकी है, और केवल इसी महीने यह 13% तक फिसल चुकी है।
इन्वेंट्री और कीमतों में अंतर (Supply-Demand Gap)
बाजार में एक अजीब स्थिति देखने को मिल रही है। COMEX में चांदी की रजिस्टर्ड इन्वेंट्री गिरकर करीब 99.79 मिलियन औंस रह गई है, जो 2025 के अंत के मुकाबले 50% से ज्यादा कम है। आम तौर पर सप्लाई कम होने से कीमतें बढ़ती हैं, लेकिन यहां ऐसा नहीं हो रहा है। ग्लोबल Silver ETFs की होल्डिंग अभी भी 807.96 मिलियन औंस है, जबकि गोल्ड-सिल्वर रेश्यो 76.57 तक पहुंच गया है। यह साफ इशारा है कि निवेशक अपना पैसा चांदी से निकालकर सोने में लगा रहे हैं।
अमेरिकी इकोनॉमी और ब्याज दरों का असर
अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) ने ब्याज दरों को 3.75% से 4.00% के बीच स्थिर रखा है, लेकिन उनका रुख अभी भी 'हॉकिश' बना हुआ है। हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका की तीसरी तिमाही की GDP ग्रोथ 3.4% रही, जो उम्मीद से कहीं बेहतर है। इसके अलावा, महंगाई का पैमाना PCE इंडेक्स भी 0.5% बढ़ गया है।
इन मजबूत आंकड़ों के कारण फेड द्वारा जल्द ब्याज दरें घटाने की उम्मीद कम हो गई है। ऊंची ब्याज दरें चांदी जैसे नॉन-यील्डिंग एसेट्स के लिए नुकसानदेह होती हैं। अब बाजार की नजरें आगे आने वाले लेबर मार्केट और मैन्युफैक्चरिंग डेटा पर टिकी हैं। टेक्निकल चार्ट पर अब चांदी के लिए $50 और $48 का स्तर अहम सपोर्ट के तौर पर देखा जा रहा है।
