Silver की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है, जहां भाव **$51.38** प्रति औंस तक आ गए हैं। दिसंबर में US Federal Reserve द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की बढ़ती संभावनाओं का असर भारतीय बाजारों पर भी दिखा है, जिससे धनतेरस के मौके पर MCX पर चांदी के वायदा भाव गिर गए हैं।
फेड पॉलिसी और ग्लोबल दबाव
चांदी पर यह दबाव वैश्विक स्तर पर बदली हुई उम्मीदों के कारण है। बाजार में अब 70% से 80% तक संभावना जताई जा रही है कि US Federal Reserve दिसंबर 2026 की अपनी मीटिंग में ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। इस 'हॉकिश' रुख ने उन निवेशकों के उत्साह को ठंडा कर दिया है जो सप्ताह की शुरुआत में प्रीशियस मेटल्स में तेजी की उम्मीद कर रहे थे।
चांदी के लिए मुख्य चुनौती अमेरिकी डॉलर की मजबूती और क्रूड ऑयल के बढ़ते दाम हैं। जब केंद्रीय बैंक दरों में बढ़ोतरी का संकेत देते हैं, तो निवेशकों का रुझान चांदी जैसे नॉन-यील्डिंग एसेट्स से हटकर सरकारी बॉन्ड्स जैसे विकल्पों की ओर बढ़ने लगता है।
धनतेरस पर भारतीय बाजार का हाल
ग्लोबल सेंटीमेंट का असर भारतीय बाजारों पर भी पड़ा है। धनतेरस का त्यौहार होने के बावजूद, Multi Commodity Exchange (MCX) पर चांदी के फ्यूचर्स में गिरावट दर्ज की गई। यह दिखाता है कि त्योहारी सीजन की फिजिकल डिमांड के बावजूद, भारतीय बाजार इंटरनेशनल ट्रेंड्स के प्रति कितने संवेदनशील हैं।
इंडस्ट्रियल डिमांड और आगे का रास्ता
मौजूदा उतार-चढ़ाव के बावजूद, चांदी का लॉन्ग-टर्म नैरेटिव इंडस्ट्रियल डिमांड से जुड़ा हुआ है। साल 2026 के लिए 46.3 मिलियन औंस की सप्लाई डेफिसिट का अनुमान है, जो सोलर एनर्जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर की मांग से प्रेरित है। हालांकि, निवेशकों को अब US नॉन-फार्म पेरोल्स और CPI डेटा का इंतजार है, जो तय करेगा कि यह गिरावट सिर्फ एक छोटा करेक्शन है या लंबी मंदी की शुरुआत।
