Silver Price Alert: चांदी की कीमतों में भारी गिरावट! भू-राजनीतिक तनाव और फेड की सख्ती का असर

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Silver Price Alert: चांदी की कीमतों में भारी गिरावट! भू-राजनीतिक तनाव और फेड की सख्ती का असर
Overview

मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) की सख्त मॉनेटरी पॉलिसी (Monetary Policy) की आशंकाओं के चलते घरेलू बाजार में चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आई है। आज, **13 अप्रैल 2026** को, चांदी के भाव **2.08%** लुढ़क गए, जिससे 1 ग्राम का भाव **₹239** और 1 किलोग्राम का भाव **₹238,750** पर आ गया।

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भू-राजनीतिक टेंशन का असर

मिडिल ईस्ट में शांति वार्ता (Peace Talks) की विफलता के बाद तनाव काफी बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) ने जलडमरूमध्य होर्मुज (Strait of Hormuz) की पूर्ण नाकेबंदी का ऐलान कर दिया है, जो कि ग्लोबल ऑयल रूट (Global Oil Route) के लिए बेहद अहम है। इस ऐलान के बाद ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) फ्यूचर्स में 7.98% की भारी उछाल देखी गई और यह $102.80 प्रति बैरल पर पहुंच गया। इस कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने ग्लोबल इन्फ्लेशन (Global Inflation) की चिंताओं को फिर से बढ़ा दिया है। यह अहम मार्ग बाधित होने से न केवल एनर्जी मार्केट प्रभावित हुए हैं, बल्कि सप्लाई चेन (Supply Chain) के जोखिम भी बढ़े हैं, जिसका असर सिल्वर जैसी इंडस्ट्रियल कमोडिटी (Industrial Commodity) की मांग पर भी पड़ सकता है।

फेड की सख्त पॉलिसी का दबाव

भू-राजनीतिक दबाव के साथ-साथ, 13 अप्रैल 2026 को अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (Dollar Index) 99.0136 पर मजबूत हुआ, जिससे डॉलर में कीमत वाली चांदी दुनिया भर के खरीदारों के लिए महंगी हो गई। सबसे अहम बात यह है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) की पॉलिसी को लेकर मार्केट का सेंटिमेंट (Market Sentiment) बुरी तरह बदल गया है। ब्याज दरों में कटौती (Rate Cut) की शुरुआती उम्मीदें अब खत्म हो गई हैं, और इसकी जगह दरें जस की तस रहने या यहां तक कि बढ़ाने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। लगातार इन्फ्लेशन और एनर्जी की कीमतों में उछाल से फेड का यह सख्त रुख (Hawkish Outlook) चांदी जैसी बिना यील्ड (Yield) वाली एसेट्स (Assets) को रखने की लागत बढ़ा रहा है, जिससे निवेशकों की दिलचस्पी कम हो रही है।

मैक्रो फैक्टर्स पर भारी सप्लाई की कमी

हालांकि 2026 में ग्लोबल सिल्वर मार्केट में 6.7 करोड़ (67 million) औंस की कमी का अनुमान है, जो लगातार छठी बार सप्लाई की कमी का साल होगा, लेकिन मैक्रो इकोनॉमिक फैक्टर्स (Macroeconomic Factors) ही मेटल की कीमत तय कर रहे हैं। सिल्वर का उत्पादन मुख्य रूप से बेस मेटल माइनिंग (Base Metal Mining) का बाय-प्रोडक्ट (By-product) होता है, जिससे इसकी सप्लाई सिल्वर की कीमतों के हिसाब से उतनी जल्दी नहीं बदलती। लेकिन मौजूदा मार्केट हालात बताते हैं कि लॉन्ग-टर्म में इंडस्ट्रियल डिमांड (Industrial Demand) मजबूत होने के बावजूद, निवेशक मॉनेटरी पॉलिसी और इन्फ्लेशन को लेकर चिंतित हैं, खासकर AI और EV जैसे सेक्टर्स के कारण।

एक्सपर्ट्स की राय और निवेशकों को सलाह

एनरिच मनी (Enrich Money) के सीईओ, पोनमुडी आर (Ponmudi R) ने चेतावनी दी है कि अगर कीमतें ₹2,37,000 से नीचे गिरती हैं तो और बिकवाली (Selling) देखने को मिल सकती है, जिससे नियर-टर्म में रिकवरी की उम्मीदें कम दिख रही हैं। भारत सरकार ने घरेलू इंडस्ट्रीज (Domestic Industries) को सहारा देने के लिए हाल ही में चांदी पर इम्पोर्ट ड्यूटी (Import Duty) घटाकर 6% की है, लेकिन यह कदम ग्लोबल मैक्रो दबावों को शायद ही पूरी तरह से दूर कर पाए। एक्सपर्ट्स का मानना है कि चांदी की कीमतों पर दबाव बना रहेगा, और सबकी नजरें अमेरिकी ब्याज दरों और भू-राजनीतिक घटनाओं पर रहेंगी। अगर इन्फ्लेशन ऊंचा बना रहा, तो फेडरल रिजर्व और भी सख्त रुख अपना सकता है, जिससे ब्याज दरों में और बढ़ोतरी हो सकती है और कीमती धातुओं की डिमांड दब सकती है। रिटेल निवेशकों (Retail Investors) को सलाह दी जाती है कि वे इंटरनेशनल ट्रेंड्स, भू-राजनीतिक घटनाओं और सेंट्रल बैंक की पॉलिसी में बदलावों पर बारीकी से नजर रखें, क्योंकि फिलहाल मैक्रो-इकोनॉमिक फैक्टर्स कमोडिटी फंडामेंटल्स पर हावी हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.