Silver Price: भारत में चांदी धड़ाम! **4.87%** गिरी कीमत, ग्लोबल गिरावट का गहराया साया

COMMODITIES
Whalesbook Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
Silver Price: भारत में चांदी धड़ाम! **4.87%** गिरी कीमत, ग्लोबल गिरावट का गहराया साया
Overview

Silver के भावों में आज शुक्रवार को भारत में बड़ी गिरावट देखने को मिली। 1 किलोग्राम चांदी का भाव **4.87%** गिरकर **₹234,850** पर आ गया। यह गिरावट ग्लोबल मार्केट की भारी उथल-पुथल का सीधा असर है, जहां COMEX सिल्वर में **9%** से ज़्यादा की भारी गिरावट देखी गई, हालांकि बाद में इसमें थोड़ी रिकवरी आई। इस गिरावट से चांदी ने इस साल की अपनी सारी बढ़त खत्म कर दी है और यह **1980** के बाद की सबसे बड़ी सेंध है।

ग्लोबल मार्केट में बिकवाली का तूफान, भारत भी अछूता नहीं

वैश्विक बाजारों से मिल रहे चिंताजनक संकेतों और स्पेकुलेटिव पोजीशन में बड़ी बिकवाली (unwinding) के चलते आज चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखा। शुक्रवार को COMEX पर चांदी के फ्यूचर्स (futures) में भारी गिरावट आई, जो शुरुआती कारोबार में लगभग 9.6% गिरकर $64.1 प्रति औंस के स्तर तक पहुंच गए थे। हालांकि, बाद में इनमें कुछ सुधार हुआ और ये $70 के स्तर के ऊपर कारोबार करने लगे।

बिकवाली की मुख्य वजहें

विश्लेषकों का मानना है कि जनवरी में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद, ट्रेडर्स अपनी स्पेकुलेटिव पोजीशन को बेच रहे हैं। भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक अनिश्चितताएँ और फेडरल रिजर्व की मॉनेटरी पॉलिसी को लेकर चिंताएं, खासकर चीन से हुई भारी खरीदारी, अब बिकवाली का कारण बन रही हैं। डॉलर का मजबूत होना और फेडरल रिजर्व में केविन वॉर्श (Kevin Warsh) के नॉमिनेशन ने भी सेंटिमेंट को बदला है, जिससे बड़ी मात्रा में पोजीशन लिक्विडेट हुईं।

भारतीय बाजार पर असर

भारत में, त्योहारी और शादी सीजन के चलते आमतौर पर चांदी की मांग मजबूत रहती है, जो ज्वैलर्स और रिटेलर्स के लिए अहम होती है। चांदी एक प्रीशियस मेटल होने के साथ-साथ एक इंडस्ट्रियल कमोडिटी भी है, जिसका इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक्स और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में होता है। इन डोमेस्टिक डिमांड फैक्टर्स के बावजूद, वैश्विक बाजार में हुई आक्रामक बिकवाली का दबाव इतना ज्यादा था कि इसने स्थानीय मांग को पीछे छोड़ दिया और कीमतों में भारी गिरावट आई। मौजूदा गिरावट के कारण चांदी अपने जनवरी 29 के शिखर से 40% से ज़्यादा नीचे आ गई है। इसने इस साल की अपनी सारी बढ़त को खत्म कर दिया है और यह दशकों में नहीं देखी गई इतनी बड़ी प्राइस स्विंग (price swing) का संकेत दे रही है।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.