Silver Price Update: चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, 2027 तक बढ़ेगा सप्लाई का सरप्लस

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AuthorMehul Desai|Published at:
Silver Price Update: चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, 2027 तक बढ़ेगा सप्लाई का सरप्लस

ग्लोबल सिल्वर मार्केट में एक बड़ा बदलाव आ रहा है। सालों की किल्लत के बाद अब 2027 तक चांदी की सप्लाई में सरप्लस (Surplus) होने के संकेत मिल रहे हैं, जिसके पीछे चीन में औद्योगिक मांग का सुस्त पड़ना मुख्य वजह है।

बाजार में क्यों आया बदलाव?

जनवरी 2026 में चांदी ने $121 प्रति औंस का रिकॉर्ड स्तर छुआ था, लेकिन अब यह $60 से $61 के दायरे में ट्रेड कर रही है। यह गिरावट बताती है कि बाजार अब अत्यधिक अस्थिरता (Volatility) से निकलकर स्थिरता की ओर बढ़ रहा है।

सौर ऊर्जा और मांग में कमी

कीमतों में सुधार की सबसे बड़ी वजह चीन का सोलर एनर्जी सेक्टर है। चीन में 2026 के दौरान सोलर फोटोवोल्टिक इंडस्ट्री में चांदी की खपत में लगभग 30% की गिरावट दर्ज की गई है। कंपनियां अब 'थ्रिफ्टिंग' (Thrifting) तकनीक अपना रही हैं, जिसमें कम चांदी का इस्तेमाल करके बेहतर नतीजे हासिल किए जा रहे हैं।

बढ़ता स्टॉक और भारतीय बाजार पर असर

सप्लाई साइड की बात करें तो लंदन के कमर्शियल वॉल्ट में अब 914 मिलियन औंस से ज्यादा चांदी जमा हो चुकी है, जो कि आपूर्ति के तनाव को कम कर रही है। भारत में भी इसका बड़ा असर दिखा है, जहां चांदी के दाम ₹4,20,000 प्रति किलोग्राम के उच्च स्तर से गिरकर अब ₹2,25,000 प्रति किलोग्राम के आसपास आ गए हैं।

ब्रोकरेज और मार्केट आउटलुक

Deutsche Bank और J.P. Morgan जैसे दिग्गज संस्थानों का मानना है कि अब चांदी में रॉकेट जैसी तेजी का दौर थम गया है। 2027 के लिए अनुमान $63 से $75 प्रति औंस के बीच स्थिर रहने का है। निवेशकों को सलाह है कि वे चीन के कंजम्पशन डेटा और ETP होल्डिंग्स पर कड़ी नजर रखें, क्योंकि यही भविष्य की चाल तय करेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.