Silver की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया है। MCX पर दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी **₹2,40,416** प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई है, जिसके पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में **1.17%** की तेजी मुख्य कारण है।
ग्लोबल संकेतों का असर
MCX पर चांदी के दिसंबर वायदा भाव में 0.41% की बढ़त दर्ज की गई है। यह उछाल वैश्विक बुलियन मार्केट की मजबूती के कारण है, जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चांदी के वायदा भाव 1.17% बढ़कर $66.51 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहे हैं। घरेलू बाजार में निवेशकों की ताजा खरीदारी ने इस तेजी को और हवा दी है।
क्यों कम नहीं हो रही कीमतें?
चांदी की बढ़ती कीमतों के पीछे केवल ट्रेडर्स की सक्रियता नहीं, बल्कि एक बड़ा फंडामेंटल कारण भी है। साल 2026 में भी फिजिकल सप्लाई में कमी (Deficit) रहने का अनुमान है, जो लगातार छठा साल होगा। यह कमी लगभग 46.3 मिलियन औंस रहने की उम्मीद है। चूंकि सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर में चांदी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, इसलिए सप्लाई का यह संकट कीमतों को नीचे गिरने नहीं दे रहा है।
निवेशकों के लिए चुनौतियां
बाजार फिलहाल भारी अनिश्चितता के दौर में है। निवेशकों की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसलों पर है। अनुमान है कि दरों में 25-बेसिस-पॉइंट की बढ़ोतरी की 60% संभावना है। हाई इंटरेस्ट रेट का मतलब है कि चांदी जैसे नॉन-यील्डिंग एसेट पर दबाव बढ़ सकता है। इसके अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जारी तनाव से एनर्जी सेक्टर में अस्थिरता है, जो सीधे तौर पर कीमती धातुओं की चाल को प्रभावित कर रही है।
