चांदी वायदा में गिरावट: ट्रेडर्स ने की प्रॉफिट बुकिंग, MCX पर ₹836 गिरे दाम

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AuthorMehul Desai|Published at:
चांदी वायदा में गिरावट: ट्रेडर्स ने की प्रॉफिट बुकिंग, MCX पर ₹836 गिरे दाम

गुरुवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का सितंबर वायदा ₹836 की गिरावट के साथ ₹2,36,999 प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ। बाजार सहभागियों की बिकवाली के कारण कीमतों में यह गिरावट आई, जबकि वैश्विक चांदी की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी देखी गई।

क्यों आई चांदी में गिरावट?

गुरुवार, 13 अगस्त 2026 को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी के सितंबर डिलीवरी वाले फ्यूचर्स में गिरावट दर्ज की गई। कीमतों में ₹836 की कमी आई और यह ₹2,36,999 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। घरेलू वायदा बाजार में आई इस गिरावट की मुख्य वजह बाजार सहभागियों की ओर से की गई प्रॉफिट बुकिंग (Profit Booking) और बड़े पैमाने पर हुई बिकवाली रही, क्योंकि वे अपनी मौजूदा पोजीशन को कम करना चाहते थे।

घरेलू वायदा बनाम वैश्विक रुझान

MCX पर सितंबर चांदी अनुबंध के लिए ट्रेडिंग वॉल्यूम 857 लॉट दर्ज किया गया। यह घरेलू गिरावट तब हुई जब अंतरराष्ट्रीय चांदी की कीमतों में उछाल देखा जा रहा था। न्यूयॉर्क बाजार में, चांदी 0.18% की तेजी के साथ $65.44 प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। यह अंतर इस बात पर प्रकाश डालता है कि घरेलू चांदी की कीमतें फिलहाल वैश्विक मूल्य आंदोलनों के बजाय स्थानीय ट्रेडिंग गतिविधि और लिक्विडिटी की जरूरतों से अधिक प्रभावित हो रही हैं।

कमोडिटी फ्यूचर्स मार्केट में भाग लेने वालों के लिए, बढ़ी हुई अस्थिरता (Volatility) के दौरान ऐसे मूल्य सुधार आम हैं। कीमती धातुओं सहित कमोडिटीज, बाहरी आर्थिक कारकों के प्रति संवेदनशील होती हैं, जैसे कि अमेरिकी महंगाई (US Inflation) के आंकड़े और फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) की ब्याज दर नीतियों में बदलाव। अमेरिकी डॉलर की मजबूती में उतार-चढ़ाव भी वैश्विक और भारतीय दोनों तरह से चांदी की कीमतों की दिशा निर्धारित करने में बड़ी भूमिका निभा सकता है।

जोखिम और बाजार पर नजर

कमोडिटी फ्यूचर्स में ट्रेडिंग में महत्वपूर्ण वित्तीय जोखिम (Financial Risks) शामिल हैं, खासकर इन अनुबंधों में इस्तेमाल होने वाले लीवरेज (Leverage) के कारण, जो लाभ और हानि दोनों को बढ़ा सकता है। घरेलू और वैश्विक मूल्य प्रदर्शन के बीच हालिया अलगाव कमोडिटीज क्षेत्र में अप्रत्याशितता की याद दिलाता है। बाजार प्रतिभागी अक्सर भविष्य के रुझानों का अनुमान लगाने के लिए घरेलू वायदा की अंतरराष्ट्रीय स्पॉट कीमतों के साथ संरेखण को ट्रैक करते हैं।

आगे देखते हुए, चांदी की कीमतों की दिशा संभवतः आगामी वैश्विक मैक्रोइकॉनॉमिक डेटा (Global Macroeconomic Data) और मुद्रा बाजार की स्थिरता से आकार लेगी। ट्रेडर्स इस बात पर नजर रखेंगे कि क्या मौजूदा बिकवाली का दबाव बना रहता है या घरेलू बाजार अंततः वैश्विक मूल्य रुझानों के साथ संरेखित होगा। कीमती धातुओं के बाजार में सक्रिय लोगों के लिए इन वैश्विक संकेतों पर नजर रखना एक मानक अभ्यास है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.