ग्लोबल मार्केट में बिकवाली के दबाव के बीच शुक्रवार को MCX पर Silver Futures में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। दिसंबर कॉन्ट्रैक्ट्स **2%** से ज्यादा गिरकर **₹1,85,300** प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गए हैं, जिससे निवेशकों में चिंता का माहौल है।
बाजार का हाल
शुक्रवार को MCX पर सिल्वर की कीमतों में तेज गिरावट देखी गई। दिसंबर डिलीवरी वाले कॉन्ट्रैक्ट्स ₹4,153 की गिरावट के साथ ₹1,85,300 प्रति किलोग्राम के स्तर पर बंद हुए। सत्र के दौरान इसमें करीब 2.19% की कमी आई और 3,944 लॉट्स में कारोबार हुआ, जो निवेशकों की सतर्कता को दर्शाता है।
ग्लोबल कनेक्शन
घरेलू बाजार पर अंतरराष्ट्रीय संकेतों का गहरा असर पड़ा है। न्यूयॉर्क में सिल्वर की कीमतें 2.59% फिसलकर $30.80 प्रति औंस पर आ गई हैं। जब ग्लोबल स्तर पर कीमतें गिरती हैं, तो घरेलू ट्रेडर्स भी अपने रिस्क को कम करने के लिए बिकवाली का रुख अपनाते हैं।
चांदी में उठापटक क्यों?
चांदी का इस्तेमाल केवल निवेश के लिए ही नहीं, बल्कि सोलर एनर्जी और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे उद्योगों में भी होता है। यही कारण है कि यह सोने के मुकाबले अधिक वोलेटाइल (volatile) होती है। बाजार में अनिश्चितता बढ़ते ही निवेशक पैसा जुटाने के लिए चांदी बेचना शुरू कर देते हैं, जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ जाता है।
निवेशकों के लिए जोखिम
तेजी से गिरते दाम का मतलब है मार्जिन रिक्वायरमेंट्स में बदलाव। अगर कीमतें और गिरती हैं, तो एक्सचेंज मार्जिन बढ़ा सकते हैं, जिससे ट्रेडर्स को अपनी पोजीशन बचाने के लिए और अधिक कैश जुटाना पड़ सकता है।
आगे क्या करें?
निवेशकों को अब US Dollar Index और बॉन्ड यील्ड (bond yields) पर नजर रखनी होगी। डॉलर के मजबूत होने से चांदी की कीमतों पर और दबाव बन सकता है। देखना यह होगा कि यह बिकवाली एक छोटा करेक्शन है या फिर कोई बड़े ट्रेंड की शुरुआत।
