Multi Commodity Exchange (MCX) पर सिल्वर फ्यूचर्स में तेजी देखी गई है। 1 सितंबर, 2026 को चांदी की कीमत **₹2,40,577** प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई, जो **0.19%** की बढ़त को दर्शाता है।
मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को दिसंबर डिलीवरी के लिए सिल्वर फ्यूचर्स ₹2,40,577 प्रति किलोग्राम के भाव पर बंद हुआ। इस सेशन में 2,655 लॉट्स का ट्रेडिंग वॉल्यूम दर्ज किया गया, जो बताता है कि डोमेस्टिक मार्केट में ट्रेडर्स नई पोजीशन बनाने में काफी सक्रिय हैं।
ग्लोबल मार्केट से उलट दिशा
जहां भारत में चांदी चमक रही है, वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में सिल्वर फ्यूचर्स 0.17% की गिरावट के साथ $66.46 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है। यह अंतर साफ दर्शाता है कि भारतीय बाजार ग्लोबल बेंचमार्क से अलग दिशा में चल रहा है। निवेशकों के लिए यह 'डिकपलिंग' (Decoupling) एक गौर करने वाली बात है।
अक्सर जब ग्लोबल कीमतों में गिरावट के बीच घरेलू कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका मतलब है कि यह तेजी फिजिकल डिमांड, करेंसी मूवमेंट्स या सट्टा बाजार (Speculative position-building) की वजह से है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
कमोडिटी की कीमतें ग्लोबल मैक्रो-इकोनॉमिक फैक्टर्स, खासकर अमेरिकी डॉलर की मजबूती और US Federal Reserve के ब्याज दरों के फैसले पर निर्भर करती हैं। यदि डॉलर मजबूत होता है, तो चांदी पर दबाव बढ़ना तय है। अगर ग्लोबल गिरावट जारी रही, तो घरेलू बाजार को भी अंतरराष्ट्रीय भावों के साथ तालमेल बिठाने के लिए करेक्शन का सामना करना पड़ सकता है।
फिलहाल यह देखना दिलचस्प होगा कि यह तेजी असली मांग की वजह से है या सिर्फ सट्टेबाजी का परिणाम। आने वाले हफ्तों में दिसंबर डिलीवरी की डेडलाइन नजदीक आने के साथ ही यह स्थिति साफ हो पाएगी कि क्या यह तेजी टिकाऊ है या ट्रेडर्स मुनाफावसूली की तैयारी कर रहे हैं।
