मार्च की तेज गिरावट के बाद मामूली उछाल
1 अप्रैल, 2026 को Silver की कीमतों में 0.22% का उछाल आया, जिससे दाम ₹242 प्रति ग्राम और ₹242,270 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए। यह थोड़ी बढ़त कमजोर डॉलर इंडेक्स और मध्य पूर्व में तनाव कम होने के संकेतों के चलते दिखी। हालांकि, यह मामूली वृद्धि मार्च की भीषण गिरावट से उबरने के लिए काफी नहीं है और यह किसी बड़े फंडामेंटल बदलाव के बजाय एक टेक्निकल बाउंस बैक जैसा लग रहा है।
मार्च में क्यों आई थी भारी गिरावट?
1 अप्रैल का छोटा सा उछाल मार्च के प्रदर्शन के बिल्कुल विपरीत है। इस महीने मेटल ने 15 साल से भी ज्यादा समय में अपनी सबसे बड़ी मासिक गिरावट देखी, जिसमें इसकी वैल्यू 20% से ज्यादा घट गई। इस करेक्शन के बाद, Silver अब जनवरी 2026 के अपने रिकॉर्ड हाई से करीब 40% नीचे ट्रेड कर रहा है। यह तेज गिरावट Silver की वोलैटिलिटी (Volatility) को दिखाती है, खासकर जब यह सोने की चाल से अलग चलती है। मार्च में सोने में भी गिरावट आई थी, लेकिन Silver करीब दोगुना गिरा। पहले 2026 की शुरुआत में गोल्ड-टू-सिल्वर रेश्यो 50:1 के करीब था, जो Silver के अच्छा प्रदर्शन करने का संकेत दे रहा था, लेकिन अब यह रेश्यो बढ़कर Silver की कमजोरी दिखा रहा है। मार्च की यह तेज गिरावट 2025 में 130% से ज्यादा की रैली के बाद आई थी, जो बाजार के तेज मूल्य वृद्धि के बाद अचानक पलटने की प्रवृत्ति को दर्शाता है।
फेड पॉलिसी और एनर्जी का दबाव
लगातार ऊंची ब्याज दरों की संभावना Silver के लिए एक बड़ी चुनौती है। मार्केट अब उम्मीद कर रहा है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व 2026 में ब्याज दरों में कोई कटौती नहीं करेगा, जो पहले के अनुमानों से काफी अलग है। फेड का यह सख्त रुख उन एसेट्स को ज्यादा आकर्षक बनाता है जो इंटरेस्ट देते हैं, जबकि Silver जैसी कमोडिटीज (Commodities) कोई इंटरेस्ट नहीं देतीं। इसके अलावा, ऊर्जा की ऊंची कीमतें, जो भू-राजनीतिक घटनाओं के कारण और बिगड़ी हैं, दबाव बढ़ा रही हैं। हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप की ईरान संघर्ष समाप्त करने की टिप्पणियों से अस्थायी राहत मिली, लेकिन प्रमुख ऊर्जा मार्गों में सप्लाई का जोखिम बना हुआ है। ये जोखिम महंगाई की आशंका को बढ़ाते हैं और सेंट्रल बैंकों को सख्त मॉनेटरी पॉलिसी (Monetary Policy) बनाए रखने के लिए प्रेरित करते हैं। महंगाई का यह दबाव और रेट कट न होने की स्थिति, कीमती धातुओं के लिए एक मुश्किल आर्थिक माहौल बना रही है।
इंडस्ट्रियल डिमांड पर भी असर
Silver की भूमिका एक सेफ-हेवन एसेट (Safe-haven Asset) और एक महत्वपूर्ण इंडस्ट्रियल मटेरियल दोनों के तौर पर है, जो इसके मार्केट के व्यवहार को तय करती है। सोलर पावर, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और AI इंफ्रास्ट्रक्चर से इंडस्ट्रियल डिमांड, ग्लोबल Silver के इस्तेमाल का लगभग 60% हिस्सा है। 2026 के लिए इंडस्ट्रियल डिमांड में बड़ी वृद्धि के अनुमान थे, जिसमें अकेले सोलर मैन्युफैक्चरिंग से करीब 160 मिलियन औंस इस्तेमाल होने की उम्मीद थी। हालांकि, लगातार ऊंची Silver की कीमतें अब मैन्युफैक्चरर्स को इसका इस्तेमाल कम करने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं। सोलर सेक्टर में, कुल सोलर कैपेसिटी बढ़ने के बावजूद, डिमांड में साल-दर-साल 7% की कमी आने की उम्मीद है। डिमांड में यह संभावित कमी, Silver की सप्लाई के साथ मिलकर, जिसे जल्दी बढ़ाना मुश्किल है और जो मुख्य रूप से बेस मेटल माइनिंग का एक बाई-प्रोडक्ट है, एक अस्थिर संतुलन बनाती है। सालों से सप्लाई डेफिसिट (Supply Deficit) आम रहे हैं, जिनमें सालाना कमी 100 मिलियन से 250 मिलियन औंस तक रही है।
आगे का outlook (Outlook) क्या कहता है?
1 अप्रैल के मामूली उछाल के बावजूद, Silver का outlook अभी भी जोखिम भरा बना हुआ है। IndusInd Securities के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी का अनुमान है कि कमजोर ग्लोबल सेंटिमेंट के कारण MCX Silver मई फ्यूचर्स ₹239,000 प्रति किलोग्राम तक गिर सकते हैं। यह मंदी का अनुमान कई कारकों से समर्थित है। Silver की इनहेरेंट वोलैटिलिटी (Inherent Volatility), जिसका मतलब है कि यह बिकवाली के दौरान सोने से कहीं तेजी से गिर सकता है, इसे तेज गिरावट के प्रति संवेदनशील बनाती है। महंगाई और एनर्जी मार्केट सप्लाई के मुद्दों के कारण ब्याज दरें ऊंची रखने की अमेरिकी फेडरल रिजर्व की प्रतिबद्धता एक बड़ी बाधा है। ट्रेडर्स 2026 में किसी भी रेट कट की उम्मीद छोड़ चुके हैं। इसके अलावा, मध्य पूर्व में तनाव कम होना सकारात्मक है, लेकिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास फिर से संघर्ष और सप्लाई बाधित होने की संभावना काफी अनिश्चितता पैदा करती है। यह अनिश्चितता महंगाई को फिर से बढ़ा सकती है और Silver की कीमतों को और नीचे ले जा सकती है। ING के एनालिस्ट $55 प्रति औंस के आसपास का अनुमान लगा रहे हैं, जबकि J.P. Morgan 2026 के लिए $81 के औसत पूर्वानुमान के साथ अधिक आशावादी है। भविष्यवाणियों में यह बड़ी भिन्नता बाजार की महत्वपूर्ण अनिश्चितता को दर्शाती है।
Silver के लिए आगे क्या?
एनालिस्ट्स भू-राजनीतिक स्थिरता और मॉनेटरी पॉलिसी पर लगातार अनिश्चितताओं का हवाला देते हुए, निकट भविष्य में Silver की कीमतों के एक सीमित दायरे में रहने की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि इंडस्ट्रियल डिमांड और सप्लाई की कमी जैसे दीर्घकालिक कारक सकारात्मक बने हुए हैं, लेकिन आर्थिक दबावों के कारण तात्कालिक भविष्य अनिश्चित है। कुछ पूर्वानुमान बताते हैं कि Silver इस तिमाही के अंत तक लगभग $76.59 प्रति औंस और 12 महीनों में $84.29 तक पहुंच सकता है। ये अनुमान संभावित रिकवरी का संकेत देते हैं, लेकिन Silver में ऐतिहासिक रूप से देखी गई बड़ी प्राइस स्विंग्स (Price Swings) को भी स्वीकार करते हैं। निवेशकों को किसी भी बड़े निवेश निर्णय से पहले घरेलू और अंतरराष्ट्रीय रुझानों, खासकर भू-राजनीतिक घटनाओं और सेंट्रल बैंक की नीतियों में बदलाव पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए।