सिल्वर ईटीएफ ने 2025 में सोने को पीछे छोड़ा: 137% रिटर्न का खुलासा!

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
सिल्वर ईटीएफ ने 2025 में सोने को पीछे छोड़ा: 137% रिटर्न का खुलासा!
Overview

2025 में, भारतीय सिल्वर ईटीएफ ने आश्चर्यजनक 137% का साल-दर-तारीख (year-to-date) रिटर्न दिया, जो गोल्ड ईटीएफ के 73% लाभ से लगभग दोगुना है। इस उछाल के पीछे मजबूत औद्योगिक मांग, नवीकरणीय ऊर्जा में बढ़ती स्वीकार्यता, महत्वपूर्ण निवेशक प्रवाह और आपूर्ति की कमी जैसे कारक रहे। नवंबर 2025 तक सिल्वर ईटीएफ की कुल प्रबंधनाधीन संपत्ति (AUM) तेजी से बढ़कर ₹49,075 करोड़ हो गई, और कॉर्पोरेट और उच्च निवल मूल्य वाले व्यक्तियों (HNIs) की बढ़ी हुई भागीदारी के कारण ट्रेडिंग वॉल्यूम में 560% की भारी वृद्धि देखी गई। Nippon India Silver ETF तरलता (liquidity) और AUM में बाजार में अग्रणी रहा।

2025 में सिल्वर ईटीएफ ने सोने को पीछे छोड़ा

भारतीय निवेशकों ने 2025 के दौरान कमोडिटी ईटीएफ क्षेत्र में एक उल्लेखनीय प्रदर्शन देखा, जिसमें सिल्वर ईटीएफ ने 137 प्रतिशत का शानदार साल-दर-तारीख रिटर्न दिया। यह आंकड़ा गोल्ड ईटीएफ द्वारा दर्ज किए गए 73 प्रतिशत के लाभ से काफी अधिक था, जो इस वर्ष कीमती धातुओं की श्रेणी में निवेशक की वरीयता में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देता है।

चांदी की रैली के पीछे के कारक

चांदी की कीमतों में प्रभावशाली उछाल और उसके बाद ईटीएफ के प्रदर्शन का श्रेय कई कारकों के संगम को जाता है। चांदी के लिए एक प्रमुख चालक, मजबूत औद्योगिक मांग में साल भर लगातार वृद्धि देखी गई। इसके अतिरिक्त, नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकियों, जैसे सौर पैनलों में चांदी को बढ़ती स्वीकार्यता ने मांग को और बढ़ाया। चांदी-समर्थित निवेश उत्पादों में मजबूत निवेशक प्रवाह और वैश्विक बाजार में आपूर्ति की निरंतर कमी ने भी कीमतों को ऊपर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

बाजार का विस्तार और निवेशक भागीदारी

सिल्वर ईटीएफ की सफलता का परिणाम महत्वपूर्ण बाजार वृद्धि के रूप में हुआ। नवंबर 2025 तक इस श्रेणी की प्रबंधनाधीन संपत्ति (AUM) तेजी से बढ़कर ₹49,075 करोड़ हो गई। इस वृद्धि के साथ ही एक्सचेंज ट्रेडिंग वॉल्यूम में 560 प्रतिशत की नाटकीय वृद्धि देखी गई। यह उछाल निवेशकों की बढ़ती रुचि और भागीदारी को रेखांकित करता है, विशेष रूप से कॉर्पोरेट संस्थाओं और उच्च निवल मूल्य वाले व्यक्तियों (HNIs) से जो तेजी से चांदी-समर्थित निवेश वाहनों की ओर पूंजी आवंटित कर रहे हैं।

Nippon India Silver ETF अग्रणी रहा

विभिन्न उपलब्ध सिल्वर ईटीएफ में से, Nippon India Silver ETF तरलता के मामले में प्रमुख खिलाड़ी बनकर उभरा। यह कुल श्रेणी ट्रेडिंग वॉल्यूम का आधे से अधिक हिस्सा था। इसके अलावा, यह ईटीएफ अपने साथियों की तुलना में उच्च AUM का प्रबंधन करने, कम व्यय अनुपात (expense ratios) की पेशकश करने और कम ट्रैकिंग त्रुटि (tracking error) प्रदर्शित करने के लिए विशिष्ट रहा, जिससे यह चांदी की कीमतों में कुशल एक्सपोजर चाहने वाले निवेशकों के लिए एक आकर्षक विकल्प बन गया।

प्रभाव

सिल्वर ईटीएफ के इस महत्वपूर्ण आउटपरफॉर्मेंस से चांदी-समर्थित उत्पादों में निवेश प्रवाह में लगातार वृद्धि हो सकती है। यह खुदरा और संस्थागत प्रतिभागियों सहित अधिक निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो को चांदी के साथ विविधता लाने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है, जिसे सोने की तुलना में संभावित रूप से उच्च-विकास वाली कमोडिटी माना जा रहा है। यह प्रवृत्ति परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों की रणनीतियों को भी प्रभावित कर सकती है, जिससे सिल्वर ईटीएफ क्षेत्र में अधिक उत्पाद नवाचार हो सकता है। बढ़ती मांग से भौतिक चांदी की कीमतों में भी वृद्धि हो सकती है, जिससे धातु पर निर्भर उद्योगों पर प्रभाव पड़ेगा। प्रभाव रेटिंग: 7/10।

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