Silver ETFs: ग्लोबल गिरावट से फिसला चांदी का दाम, 5% तक टूटे सिल्वर ETFs

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Silver ETFs: ग्लोबल गिरावट से फिसला चांदी का दाम, 5% तक टूटे सिल्वर ETFs

23 अक्टूबर 2026 को भारतीय बाजारों में सिल्वर ETFs में **5%** तक की भारी गिरावट देखी गई। इसकी मुख्य वजह ग्लोबल मार्केट में बुलियन की कीमतों में कमजोरी और अमेरिका में बढ़ते बॉन्ड यील्ड्स हैं।

शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को सिल्वर-लिंक्ड एसेट्स रखने वाले निवेशकों को बड़ा झटका लगा। घरेलू बाजार में HDFC, Tata और SBI जैसे बड़े फंड हाउस के सिल्वर ETFs में 5% तक की इंट्रा-डे गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कीमती धातुओं की कीमतों में आई भारी सुस्ती का नतीजा है।

क्यों दबाव में है चांदी?

चांदी को निवेश के साथ-साथ एक इंडस्ट्रियल मेटल भी माना जाता है। अमेरिका में बॉन्ड यील्ड्स और डॉलर में मजबूती ने निवेशकों का रुख चांदी और सोने जैसी नॉन-यील्डिंग एसेट्स से हटा दिया है। चूंकि इन धातुओं पर कोई ब्याज (Interest) नहीं मिलता, इसलिए ग्लोबल मार्केट में पैसा अब अन्य एसेट्स की ओर शिफ्ट हो रहा है।

एनर्जी सेक्टर का असर

दबाव सिर्फ मेटल मार्केट तक सीमित नहीं है। क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल ने भी माहौल बिगाड़ दिया है। Brent Crude अब $113.50 प्रति बैरल और WTI Crude लगभग $99.73 प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। ऊर्जा की बढ़ती कीमतें कंपनियों की प्रोडक्शन कॉस्ट बढ़ा रही हैं, जिससे सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स में इस्तेमाल होने वाली चांदी की डिमांड पर असर पड़ने की चिंता बढ़ गई है।

MCX पर क्या रहा हाल?

घरेलू कमोडिटी मार्केट (MCX) पर भी नकारात्मक असर साफ दिखा। दिसंबर सिल्वर फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट 2.27% टूटकर ₹1,95,064 प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्पॉट सिल्वर $53.45 प्रति औंस के स्तर तक आ गया है। निवेशकों को सलाह है कि वे डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड्स पर नजर रखें, क्योंकि इन्हीं से तय होगा कि चांदी में यह उठापटक कब तक बनी रहेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.