जून महीने में सिल्वर एक्सचेंज-ट्रैडेड फंड (ETFs) में निवेशकों ने रिकॉर्ड तोड़ ₹4,286 करोड़ का निवेश किया है। यह इन फंड्स में पिछले चार महीनों से लगातार हो रही निकासी के बाद एक बड़ा बदलाव है। निवेशकों ने चांदी की कीमतों में आई गिरावट को खरीदारी का मौका माना।
चांदी के ETFs में निवेशकों की वापसी
जून के महीने में सिल्वर एक्सचेंज-ट्रैडेड फंड्स (ETFs) में निवेशकों की दिलचस्पी फिर से लौट आई है। इस दौरान इन फंड्स में ₹4,286 करोड़ का भारी निवेश हुआ, जो अब तक का सबसे बड़ा मासिक इनफ्लो है। इससे पहले लगातार चार महीनों से इन फंड्स से पैसा निकाला जा रहा था। माना जा रहा है कि चांदी की कीमतों में आई हालिया गिरावट को निवेशकों ने कीमती धातुओं में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का एक अच्छा अवसर समझा।
कीमतों में गिरावट से AUM पर असर
रिकॉर्ड निवेश आने के बावजूद, जून में सिल्वर ETFs की कुल असेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में कमी देखी गई। AUM घटकर ₹78,943 करोड़ रह गया, जो मई में ₹86,217 करोड़ था। AUM में यह गिरावट मुख्य रूप से 'मार्क-टू-मार्केट' लॉस के कारण हुई। ऐसा तब होता है जब फंड्स द्वारा रखी गई फिजिकल चांदी की बाजार कीमत गिर जाती है। यानी, भले ही फंड्स में ज्यादा पैसा आया, लेकिन चांदी की कम कीमत के कारण पोर्टफोलियो का कुल मूल्य घट गया। इस गिरावट के बावजूद, सिल्वर ETFs में रिटेल निवेशकों की रुचि बनी रही, और निवेशक फोलियो की संख्या बढ़कर 53.93 लाख हो गई।
गोल्ड ETFs और बाजार का माहौल
इसी अवधि में गोल्ड ETFs में भी ₹3,443 करोड़ का इनफ्लो देखा गया, क्योंकि सोने की कीमतों में भी नरमी थी। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और मौजूदा वित्तीय माहौल के कारण निवेशक अपने पोर्टफोलियो को सुरक्षित रखने के लिए कीमती धातुओं की ओर रुख कर रहे हैं। इसके अलावा, प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें भी सोने और चांदी जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्तियों को दीर्घकालिक निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बना रही हैं।
म्यूचुअल फंड्स के व्यापक रुझान
कीमती धातुओं के अलावा, पैसिव फंड कैटेगरी (जिसमें ETFs और इंडेक्स फंड्स शामिल हैं) में जून में कुल ₹16,724 करोड़ का नेट इनफ्लो हुआ। इसमें से ₹13,238 करोड़ अन्य एक्सचेंज-ट्रैडेड फंड्स में गए, जबकि इंडेक्स फंड्स में ₹59 करोड़ का मामूली आउटफ्लो देखा गया। भारत में समग्र म्यूचुअल फंड उद्योग में स्थिर वृद्धि जारी है, और असेट्स अंडर मैनेजमेंट 0.79% बढ़कर कुल ₹82.22 लाख करोड़ हो गया है। खासकर, इक्विटी म्यूचुअल फंड्स की लोकप्रियता बरकरार रही और जून में लगातार 64वें महीने ₹28,973 करोड़ का नेट इनफ्लो दर्ज किया गया। आने वाले महीनों में, निवेशक इस बात पर ध्यान देंगे कि क्या चांदी की कीमतें स्थिर होती हैं और क्या पैसिव फंड्स में वर्तमान इनफ्लो का चलन इक्विटी योजनाओं में निवेश के साथ जारी रहता है।
