कच्चे तेल की कीमतों में सुनामी! $100 के पार, सऊदी अरब के पाइपलाइन पर बढ़ा संकट

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AuthorNeha Patil|Published at:
कच्चे तेल की कीमतों में सुनामी! $100 के पार, सऊदी अरब के पाइपलाइन पर बढ़ा संकट
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खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की नाकाबंदी के चलते वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर खतरा मंडराने लगा है। इस स्थिति में, सऊदी अरब ने अपने **ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन (East-West Pipeline)** को **7 मिलियन बैरल प्रति दिन** की अधिकतम क्षमता पर चला रहा है, ताकि लाल सागर के यानबू बंदरगाह (Yanbu port) तक तेल पहुंचाया जा सके। इसके चलते कच्चे तेल की कीमतें **$100 प्रति बैरल** के पार पहुंच गई हैं, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था, महंगाई और मंदी की चिंताएं बढ़ गई हैं।

होर्मुज नाकाबंदी के बीच तेल का नया रास्ता

सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन अपनी 7 मिलियन बैरल प्रति दिन की पूरी क्षमता पर काम कर रही है। यह जानकारी सऊदी अरामको (Saudi Aramco) के CEO अमीन नासिर (Amin Nasser) ने मार्च 2026 की शुरुआत में दी थी। इस रणनीतिक कदम से फारस की खाड़ी से तेल को लाल सागर के यानबू बंदरगाह तक पहुंचाया जा रहा है। यह पाइपलाइन, जिसे होर्मुज जलडमरूमध्य से बचने के लिए बनाया गया था, अब कच्चे तेल के निर्यात को जारी रखने के लिए बेहद ज़रूरी हो गई है। मौजूदा संकट से पहले, यह आमतौर पर प्रतिदिन लगभग 2.8 मिलियन बैरल तेल ले जाती थी। पाइपलाइन का यह बढ़ा हुआ उपयोग खाड़ी में चल रहे संघर्ष का सीधा नतीजा है, जो ईरान पर अमेरिका और इज़राइल के हमलों के बाद शुरू हुआ और होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी का कारण बना। यह मार्ग (Strait) आमतौर पर वैश्विक तेल और एलएनजी (LNG) आपूर्ति का लगभग 20% संभालता है। पाइपलाइन की पूरी सक्रियता वैश्विक ऊर्जा बाजारों के लिए जीवन रेखा बन गई है।

यानबू से निर्यात में उछाल, कीमतों में आग

सऊदी अरब के यानबू बंदरगाह से कच्चे तेल का निर्यात तेजी से बढ़ा है। संघर्ष शुरू होने के बाद, यानबू से निर्यात जनवरी-फरवरी 2026 के औसत 760,000 बैरल प्रति दिन से बढ़कर मार्च 2026 के अंत तक लगभग 4 मिलियन बैरल प्रति दिन तक पहुंच गया, और महीने के अंत तक 5 मिलियन तक पहुंचने की क्षमता है। इस बदलाव का मकसद फारस की खाड़ी में व्यवधानों के प्रभाव को कम करना है। वैश्विक बाजारों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है: बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड (Brent crude) की कीमतें $100 प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं, जो 2022 के मध्य के बाद का उच्चतम स्तर है। 26 मार्च 2026 को ब्रेंट क्रूड की क्लोजिंग कीमत $108 प्रति बैरल से थोड़ी अधिक थी। विश्लेषकों का अनुमान है कि इस मूल्य स्तर से उच्च महंगाई और घटी हुई मांग के माध्यम से $500 बिलियन का वैश्विक आर्थिक झटका लग सकता है।

सऊदी अरब की उत्पादन क्षमता और बाज़ार पर असर

सऊदी अरब, जिसके पास OPEC+ की लगभग 70% अतिरिक्त क्षमता है, प्रतिदिन 12 मिलियन बैरल तक उत्पादन कर सकता है। फरवरी 2026 में, उत्पादन लगभग 10.1 मिलियन बैरल प्रति दिन था। यह किंगडम को एक प्रमुख उत्पादक बनाता है, हालांकि आसानी से उपलब्ध अतिरिक्त क्षमता शायद कम है, जो फरवरी 2026 में लगभग 1.4 मिलियन बैरल प्रति दिन थी। मध्य पूर्व के पिछले तनावों ने भी तेल की कीमतों को बढ़ाया है, जैसा कि 2018 में देखा गया था। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने वर्तमान स्थिति को 'इतिहास की सबसे बड़ी वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा चुनौती' कहा है, जो प्रतिदिन 10 मिलियन बैरल तक की आपूर्ति में व्यवधान की आशंका जता रही है। हालांकि सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पूरी क्षमता पर है, यानबू बंदरगाह की अपनी सीमाएं हैं। इसकी नाममात्र लोडिंग क्षमता लगभग 4.5 मिलियन बैरल प्रति दिन है, और प्रभावी क्षमता 4 मिलियन के करीब है। यूएई (UAE) की फुजैराह (Fujairah) तक की पाइपलाइन भी जलडमरूमध्य को बायपास करती है, लेकिन हमलों के कारण परिचालन निलंबन का सामना कर चुकी है, जो वैकल्पिक मार्गों की भेद्यता को दर्शाता है।

नई कमजोरियां सामने

इस संकट से निपटने के लिए ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन और यानबू बंदरगाह का उपयोग करने से नए जोखिम पैदा हो रहे हैं। यानबू बंदरगाह की प्रभावी लोडिंग क्षमता एक सीमा है, जो इसे फारस की खाड़ी से खोए हुए निर्यात की मात्रा को पूरी तरह से बदलने से रोकती है। इसके अलावा, बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य (Bab el-Mandeb Strait) की सुरक्षा, जो यानबू से एशिया तक शिपिंग के लिए महत्वपूर्ण है, हौथी (Houthi) आतंकवादियों द्वारा खतरे में है। यह आपूर्ति श्रृंखलाओं में और अधिक जोखिम जोड़ता है। होर्मुज जलडमरूमध्य का निरंतर बंद होना वैश्विक तेल और गैस भंडारण की सीमाओं के करीब पहुंच रहा है, जिससे उत्पादन बंद होने की संभावना बढ़ रही है। क्षेत्रीय बुनियादी ढाँचा पहले ही प्रभावित हो चुका है; ड्रोन हमलों के बाद सऊदी अरब की रास तानुरा रिफाइनरी (Ras Tanura refinery) बंद हो गई थी, जिसने घरेलू परिचालन को प्रभावित किया। मैक्वेरी ग्रुप (Macquarie Group) के विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि यदि जलडमरूमध्य दूसरी तिमाही तक बंद रहता है, तो कीमतें $150 या $200 प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं, जिससे वैश्विक मंदी आ सकती है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) द्वारा रणनीतिक भंडार से 400 मिलियन बैरल जारी करने से अल्पावधि के लिए बफर मिला है, लेकिन यह दीर्घकालिक आपूर्ति अंतराल को बनाए नहीं रख सकता।

अस्थिरता जारी रहने की उम्मीद

ऊर्जा विश्लेषकों को कीमतों में लगातार अस्थिरता की उम्मीद है, खासकर यदि भू-राजनीतिक तनाव 2026 तक जारी रहता है। गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) का अनुमान है कि चल रहे व्यवधानों के कारण मार्च और अप्रैल 2026 के लिए ब्रेंट क्रूड औसतन $110 प्रति बैरल रहेगा। संघर्ष की अवधि और होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने का समय काफी हद तक लंबी अवधि की कमोडिटी कीमतों को निर्धारित करेगा। बाजार तत्काल आपूर्ति चिंताओं और लगातार उच्च ऊर्जा लागतों के आर्थिक प्रभाव के बीच नाजुक संतुलन पर है। यह स्थिति वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं की नाजुकता को उजागर करती है, खासकर जब प्रमुख पारगमन मार्ग खतरे में हों।

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